असम विधानसभा चुनाव में घट रही महिलाओं की भागीदारी, उम्मीदवारों की संख्या में लगातार गिरावट
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 11:16 AM (IST)
Assam Assembly Election: देश में महिलाओं को राजनीति में ज्यादा भागीदारी देने की बात लगातार हो रही है। केंद्र सरकार महिलाओं के लिए विधानसभा और लोकसभा में एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का कानून भी पास कर चुकी है, लेकिन यह अभी लागू नहीं हुआ है। इस बीच असम विधानसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने के बजाय घट रही है।
असम चुनाव में घट रही महिलाओं की भागीदारी
असम में इस बार विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या कम हो गई है। साल 2016 में जहां 91 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, वहीं इस बार सिर्फ 59 महिलाएं मैदान में हैं। यह संख्या 2021 के मुकाबले भी ज्यादा नहीं बढ़ी, क्योंकि उस समय 76 महिला उम्मीदवार थीं। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2026 के असम चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार हैं, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 8.17 प्रतिशत है। यह 2021 के 8.03 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा जरूर है, लेकिन उस समय कुल उम्मीदवार ज्यादा थे।
"यह स्थिति चिंता की बात है"
अगर पुराने आंकड़ों को देखें तो 2011 में महिलाओं की हिस्सेदारी 8.66 प्रतिशत थी और 2016 में 8.55 प्रतिशत। यानी पिछले कई सालों में महिलाओं की भागीदारी में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। 2006 में 70 महिला उम्मीदवार थीं, जो 2011 में बढ़कर 85 हो गई थीं, लेकिन इसके बाद संख्या लगातार गिरती जा रही है। राजनीतिक दलों की बात करें तो कांग्रेस ने इस बार 14 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने 7 महिलाओं को मैदान में उतारा है, जो पिछली बार के बराबर है। भाजपा का कहना है कि वह जीतने की संभावना वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती है।
महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों का कहना है कि यह स्थिति चिंता की बात है, क्योंकि मतदान में महिलाओं की भागीदारी अक्सर पुरुषों से ज्यादा होती है। इसके बावजूद उन्हें उम्मीदवार के तौर पर कम मौके मिल रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में पूरी पहचान नहीं मिल पा रही है और उन्हें सिर्फ सीमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार 722 उम्मीदवारों के साथ असम में 1983 के बाद सबसे कम उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 1983 में 471 उम्मीदवार थे, जबकि 1991 में सबसे ज्यादा 1,657 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे।
