अमेरिका और ईरान युद्ध: सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, कांग्रेस की मांग- डीजल,पेट्रोल और गैस के दाम तत्काल हो कम

punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 03:58 PM (IST)

नेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में भारी गिरावट आई और यह 18 प्रतिशत लुढ़ककर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। इसे लेकर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि "निश्चित रूप से कच्चे तेल के दाम कम हुए हैं। मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल यहां डीजल-पेट्रोल और गैस सभी चीजों के दाम कम किए जाएं। जिससे देश के लोगों को राहत मिले। 

10,029 रुपये प्रति बैरल
आप को बता दें कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर 10,029 रुपये प्रति बैरल पर खुला था। बाद में यह और लुढ़कता हुआ 1,894 रुपये या 17.75 प्रतिशत फिसलकर 8,775 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। यह मंगलवार को करीब चार प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,990 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह मई में आपूर्ति वाला अनुबंध भी 1,413 रुपये या 15 प्रतिशत फिसलकर 8,012 रुपये प्रति बैरल के निचले सर्किट स्तर पर पहुंच गया।

जलडमरूमध्य से आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद 
तनाव कम होने से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं घटने के बीच बाजार में तेज बिकवाली देखी गई। वैश्विक बाजारों में भी अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल कीमतों में गिरावट आई। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के करीब पांचवें हिस्से के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है। 

ब्रेंट क्रूड के अनुबंध की कीमत 14.31 डॉलर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई में आपूर्ति वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 16.28 डॉलर या 14.41 प्रतिशत फिसलकर 96.67 डॉलर प्रति बैरल रह गया। कारोबार के दौरान यह 21.9 डॉलर या 19.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ एनवाईमेक्स पर 91.05 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं जून में आपूर्ति वाले ब्रेंट क्रूड के अनुबंध की कीमत 14.31 डॉलर या 13.10 प्रतिशत टूटकर 94.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। 

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम 
कारोबार के दौरान यह 19.26 डॉलर या 17.62 प्रतिशत कम होकर 90.01 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद भू-राजनीतिक जोखिम घटने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद वह ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को स्थगित करेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर से हुई नीचे 
इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संकेत दिया कि इस अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन की अनुमति दी जाएगी जिससे आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं कम हो गई हैं। वेस्टेड फाइनेंस के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विराम शाह ने कहा, '' कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर से नीचे आने के बावजूद, परिष्कृत ईंधन आपूर्ति श्रृंखलाओं और शिपिंग के प्रति भरोसे को सामान्य होने में कई हफ्ते या शायद कई महीने भी लग सकते हैं।


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Content Writer

Ramkesh

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