स्कूल छोड़ Live-in Relationship में रह रहे थे नाबालिग लड़के और लड़कियां, जब लड़कों के साथ रहने की जिद पर अड़ी तो...
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 01:01 PM (IST)
Mandi Minor Live In Relationship Rescue Operation : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से नाबालिगों के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पधर इलाके में दो नाबालिग लड़कियां दो नाबालिग किशोरों के साथ लिव-इन में रह रही थीं। प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो चाइल्ड वेलफेयर विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को रेस्क्यू कर लिया।इस दौरान चारों नाबालिगों ने रेस्क्यू टीम को झूठी कहानियां सुनाकर गुमराह करने की पूरी कोशिश की लेकिन कानून के आगे उनकी एक न चली। रेस्क्यू के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत चारों को अलग-अलग सुरक्षित केंद्रों में भेजा गया।
दोनों नाबालिग लड़कों को ओपन शेल्टर होम और दोनों लड़कियों को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। इसके बाद चारों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया। समिति के सामने भी दोनों नाबालिग लड़कियों का रवैया बेहद अड़ियल रहा। वे लगातार उन लड़कों के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी रहीं। जांच में यह बात भी सामने आई कि इन चारों ने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। बाल कल्याण समिति ने तुरंत चारों के माता-पिता (अभिभावकों) को तलब किया और उनकी गहन काउंसिलिंग करवाई। इसके बाद कानूनी हिदायत देकर बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
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वहीं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अलकनंदा हांडा ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनके व्यवहार पर नियमित नजर रखें। उन्होंने बच्चों की शिक्षा को दोबारा शुरू कराने और किसी भी प्रकार की मानसिक या सामाजिक समस्या होने पर तुरंत संबंधित सरकारी विभाग से मदद लेने की सलाह दी है। वहीं दूसरे मामले में मंडी जिले में ही नाबालिग लड़कियों के घर से भागने का एक और दुखद मामला सामने आया है। मंडी के गागल पुलिस चौकी क्षेत्र से 10वीं क्लास में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा अपने एक दोस्त के साथ अचानक घर से भाग गई थी।
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पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से छात्रा को कांगड़ा जिले के नगरोटा इलाके से सकुशल बरामद किया और मंडी लेकर आई। पूछताछ में पता चला कि इस किशोरी की मां की मौत हो चुकी है और उसके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। घर में सही देखरेख न होने के कारण वह इस रास्ते पर चल पड़ी। जब उसे बाल कल्याण समिति के सामने लाया गया तो वह भी अपने उसी दोस्त (लड़के) के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। फिलहाल इस मामले में भी CWC नियमों के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।
