Covid New Variant: 75 म्यूटेशन के साथ लौटा कोरोना का ''सिकाडा'' अवतार: 23 देशों में फैला... क्या पुरानी वैक्सीन अब भी है ढाल?

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 02:12 PM (IST)

Covid New Variant: कोरोना वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस बार चर्चा में है ओमिक्रॉन परिवार का नया सदस्य BA.3.2, जिसे विशेषज्ञों ने 'सिकाडा' (Cicada) नाम दिया है। यह नाम इस वैरिएंट की प्रकृति को दर्शाता है- जिस तरह सिकाडा कीड़ा लंबे समय तक जमीन के नीचे छिपकर अचानक बाहर आता है, वैसे ही यह वैरिएंट 2022 के बाद भारी बदलावों के साथ अचानक 23 देशों में पैर पसार चुका है। इसे पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में एक 5 साल के बच्चे के श्वसन नमूने में पहचाना गया था।

क्यों डरा रहा है सिकाडा?

इस नए वैरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसके 75 म्यूटेशन्स हैं। वायरस जब अपना रूप बदलता है, तो उसे म्यूटेशन कहते हैं। सिकाडा के स्पाइक प्रोटीन में करीब 70 से 75 बदलाव देखे गए हैं, जिसका सीधा मतलब है कि यह पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा संक्रामक हो सकता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देने में माहिर हो सकता है। फिलहाल अमेरिका के 24 राज्यों में इसका गहरा असर देखा जा रहा है। 

संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रसार 

  1. कैलिफ़ोर्निया
  2. कनेक्टिकट
  3. फ्लोरिडा
  4. हवाई
  5. इडाहो
  6. लुइसियाना
  7. मेन
  8. मैरीलैंड
  9. मैसाचुसेट्स
  10. मिशिगन
  11. मिसौरी
  12. नेवादा
  13. न्यू हैम्पशायर
  14. न्यू जर्सी
  15. न्यूयॉर्क
  16. ओहियो
  17. पेंसिल्वेनिया
  18. रोड आइलैंड
  19. दक्षिण कैरोलिना
  20. टेक्सास
  21. उटाह
  22. वर्मोंट
  23. वर्जीनिया
  24. व्योमिंग

क्या पुरानी वैक्सीन बेकार हो गई है?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हमने जो पहले टीके लगवाए थे, वे इस नए खतरे को रोक पाएंगे? इस पर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है लेकिन उम्मीद की किरण अभी बाकी है:

  • CDC (अमेरिका): शुरुआती लैब टेस्ट बताते हैं कि पुरानी और 2025-26 वाली वैक्सीन (जो JN.1 स्ट्रेन के लिए थीं) सिकाडा के खिलाफ थोड़ी कम प्रभावी हो सकती हैं। हालांकि, गंभीर बीमारी और अस्पताल जाने की नौबत रोकने में ये अभी भी मददगार साबित हो सकती हैं।

  • WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन): WHO का मानना है कि मौजूदा वैक्सीन भले ही संक्रमण को पूरी तरह न रोक पाएं, लेकिन वे वायरस के जानलेवा हमले से सुरक्षा प्रदान करना जारी रखेंगी।

  • भारतीय विशेषज्ञों की राय:  चिकित्सकों का कहना है कि इतने ज्यादा म्यूटेशन वैक्सीन के असर को कम जरूर कर सकते हैं, लेकिन वर्तमान में हमारे पास यही एकमात्र सुरक्षा कवच है। जब तक कोई नई रिसर्च या स्पेसिफिक बूस्टर नहीं आता, तब तक पुरानी वैक्सीन ही शरीर को लड़ने की शक्ति देगी।

भारत के लिए कितनी चिंता?

फिलहाल भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन डॉक्टर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। चूंकि यह वैरिएंट तेजी से फैलता है, इसलिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतना और अपनी इम्युनिटी पर ध्यान देना जरूरी है।

BA.3.2 के लक्षण क्या हैं?

  • खांसी
  • बुखार / ठंड लगना
  • गले में खराश
  • नाक बंद / congestion
  • सांस लेने में दिक्कत
  • स्वाद/गंध का जाना
  • थकान
  • सिरदर्द
  • पेट से जुड़ी समस्याएं

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News