महिला ने रोते हुए सुनाई आपबीती, कहा ''भूखे मरने से अच्छा है बीमारी से मर जाएं''

2020-03-26T16:59:09.977

नई दिल्ली; कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर के देशों में देखने को मिल रहा है। भारत भी इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की चपेट में है। कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाऊन की घोषणा की है। मोदी ने लोगों लोगों से अपील की है कि वे अपने घर में ही रहें। वहीं लॉकडाउन की वजह से लाखों दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, गरीबों की जिंदगी मुश्किलों से घिर गई है।


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मीडिया से बातचीत के दौरान एक दिहाड़ी करने वाली महिला ने बताया कि हमारे पास खाने का एक भी दाना नहीं है, जिसकी वजह से बिना खाए ही रहना पड़ रहा है। अभी तक पानी आता था लेकिन अब पानी भी नहीं मिल रहा है। रोते हुए उन्होंने कहा कि भूखे मरने से अच्छा है कि हम इस बीमारी से ही मर जाएं। महिला ने कहा कि लॉकडाऊन के चलते हमारी परेशानी बढ़ गई है, उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि हमें या तो हमारे गांव भिजवाया जाए या फिर हमें साधन मुहैया कराया जाए।

 

दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में कैद
कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर के देशों में देखने को मिल रहा है। भारत भी इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की चपेट में है। अब तक 21,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। सरकार की ओर से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।  देश में 21 दिन का लॉकडाऊन घोषित किया गया है।


Edited By

Anil dev

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