तांबे के बर्तन में पानी पीना भी हो सकता है जानलेवा, इन बातों का रखना पड़ता है खास ध्यान
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 01:29 PM (IST)
नेशनल डेस्क : तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा सदियों पुरानी है। आयुर्वेद के अनुसार तांबे का पानी शरीर को शुद्ध करता है और कई बीमारियों से बचाने में मददगार होता है। हालांकि, अगर इसका इस्तेमाल सही तरीके से न किया जाए तो यह नुकसानदेह या कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कब तांबे का पानी फायदेमंद है और कब नुकसानदेह।
कब तांबे का पानी बन जाता है हानिकारक?
तांबे के बर्तन में पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है। लेकिन अगर बर्तन की सफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। तांबा जल्दी गंदा हो जाता है और इसमें काई या बैक्टीरिया जम सकते हैं। इसलिए नियमित अंतराल पर बर्तन की सफाई बहुत जरूरी है।
कॉपर टॉक्सिसिटी के लक्षण
अत्यधिक तांबे के सेवन से शरीर में कॉपर की मात्रा बढ़ सकती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
- उल्टी या मतली
- पेट दर्द
- चक्कर आना
- गंभीर स्थिति में लिवर डैमेज
किसे बचना चाहिए तांबे के बर्तन से पानी पीने से?
कुछ लोग तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी रखें:
- लिवर की बीमारी वाले लोग
- किडनी रोगी
- छोटे बच्चे
कब हो सकता है नुकसान?
1. अत्यधिक सेवन : यदि कोई व्यक्ति दिनभर केवल तांबे के बर्तन का पानी पीता है, तो शरीर में कॉपर की मात्रा बढ़ सकती है।
2. लंबे समय तक स्टोर करना : तांबे के बर्तन में पानी 8 घंटे तक रखना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन 24 घंटे या उससे अधिक समय तक रखने से कॉपर की मात्रा बढ़ सकती है।
3. खट्टी चीजों का इस्तेमाल : नींबू, टमाटर या अन्य खट्टी चीजें तांबे के साथ रिएक्शन कर सकती हैं और पानी को हानिकारक बना सकती हैं।
4. बर्तन में पैटिना जमना : समय के साथ तांबे में काली परत या पैटिना बन जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
तांबे के बर्तन को साफ रखने के टिप्स
- हफ्ते में 2-3 बार बर्तन को नींबू और नमक से अच्छे से साफ करें।
- हमेशा पानी को सिर्फ 8 घंटे तक ही तांबे के बर्तन में रखें।
- खट्टी या तीखी चीजों को तांबे के बर्तन में न डालें।
- नियमित सफाई से बैक्टीरिया और पैटिना से बचाव संभव है।
