Heavy Rain Alert: सावधान! अगले 3 दिनों तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 10:36 AM (IST)
Heavy Rain Alert : देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाके शीतलहर और कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी राज्यों में भी बर्फबारी के साथ हल्की बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु में येलो अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों में मानसून के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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केरल: राज्य के कई जिलों में अगले 72 घंटों तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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तमिलनाडु: यहां भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई समेत कई तटीय इलाकों में झमाझम बारिश हो सकती है।
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पुडुचेरी और कराईकल: इन केंद्र शासित प्रदेशों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

पहाड़ों से लेकर पूर्वोत्तर तक का हाल
न केवल दक्षिण बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है:
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पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।
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कर्नाटक और आंध्र प्रदेश: तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले 3 दिनों तक तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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पूर्वोत्तर और द्वीप: अरुणाचल प्रदेश में बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम विभाग ने 'हैवी रेन अलर्ट' जारी किया है।

अगले 3 दिन कहां-कहां होगी बारिश?
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क्षेत्र |
प्रमुख राज्य/स्थान |
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दक्षिण भारत |
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, माहे |
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उत्तर भारत |
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश |
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पूर्वोत्तर |
अरुणाचल प्रदेश |
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अन्य |
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, अंडमान-निकोबार |
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विभाग की चेतावनी: बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने (40-50 किमी/घंटा) की भी आशंका जताई है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन (Landslides) और फिसलन के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है। दक्षिण भारत के किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया गया है।
