चीनी हैकरों की करतूत, भारतीय दफ्तरों के कंप्यूटर हैक करने का बनाया प्लान

punjabkesari.in Thursday, Jun 16, 2016 - 07:59 PM (IST)

नई दिल्ली : चीनी सेना जहां आए दिन भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश में लगी रहती है वहीं चीन में बैठे हैकर हमारे देश के सरकारी दफ्तरों में सेंध लगाने की जुगत में हैं। ये हैकर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की आेर से संचालित व्यवस्था तोडऩे के चक्कर में हैं। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के एक उप-सचिव के आधिकारिक कंप्यूटर पर ‘‘अजीबोगरीब गतिविधि’’ दिखने के बाद यह मामला सामने आया। इसके बाद मशीन को फॉरमैट किया गया। 
 
भारतीय उपसचिव का कंप्यूटर हैक करने की कोशिश
हाल ही में उसी कंप्यूटर के अचानक विश्लेषण के दौरान पाया गया कि चीन के एक इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते से उप-सचिव के कंप्यूटर को खोलने की कोशिश एक बार फिर की गई। यह हैकर एनआईसी की आेर से व्यवस्थित इस सिस्टम को हैक करने के लिए कोलकाता से बाहर के एक अन्य आधिकारिक अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था।

एनआईसी सरकार की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारभूत संरचना प्रदाता है। साइबर विशेषज्ञों ने अर्चिन ट्रैकिंग मॉड्यूल (यूटीएम) का करीब एक सप्ताह तक विश्लेषण किया और पाया कि चीनी हैकर 33 आधिकारिक कंप्यूटरों - जिसमें छह विदेश मंत्रालय, तीन-तीन आईटीबीपी और मास्टर अर्थ स्टेशन, दो-दो निर्माण भवन में एनआईसी-सेल और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और एक गृह मंत्रालय एवं अन्य - को हैक करने की कोशिश कर रहे थे।  
 
33 कंप्यूटरों में से 19 में एंटी वायरस ही नहीं था
यूटीएम एक साधारण कोड है जिसे कोई किसी ग्राहक के यूआरएल से जोड़ सकता है ताकि स्रोत, माध्यम, कैंपेन का नाम जाना जा सके या ये पता लगाया जा सके कि कोई मशीन को हैक करने की कोशिश तो नहीं कर रहा। यह पाया गया कि इन 33 कंप्यूटरों में से 19 बगैर किसी एंटी-वायरस सॉटवेयर के चलाए जा रहे थे, जबकि आधिकारिक कंप्यूटरों में एंटी-वायरस सॉटवेयर डालना जरूरी होता है।  
 

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