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PoK में स्कर्दू एयरबेस पर दिखे चीनी फाइटर एयरक्राफ्ट, भारत के खिलाफ बड़ी साजिश की आशंका

2020-06-29T18:30:06.333

नई दिल्लीः पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित स्कर्दू एयरबेस पर चीनी वायुसेना की हरकतों ने भारतीय एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। केवल जून के महीने में ही 40 से ज्यादा चीनी फाइटर जेट J-10 स्कर्दू गए हैं। आशंका है कि स्कर्दू का इस्तेमाल चीनी वायुसेना भारत में हमले के लिए करने की तैयारी कर रही है। स्कर्दू की लेह से दूरी करीब 100 किमी है और ये किसी भी चीनी एयरबेस की तुलना में बहुत ज्यादा पास है। इसलिए इस बात की आशंका बढ़ गई है कि चीन स्कर्दू एयरबेस की क्षमताओं को परख रहा है ताकि इसका इस्तेमाल किया जा सके। यानी अब भारत को दोहरे मोर्चे पर लड़ने के लिए खींचने की तैयारी हो रही है।
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लद्दाख के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए चीन के पास तीन एयरबेस हैं जहां से उसके फाइटर एयरक्राफ्ट कार्रवाई कर सकते हैं। ये हैं काशगर, होतान और नग्री गुरगुंसा लेकिन इनकी भारत के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमताएं सीमित हैं। काशगर की लेह से दूरी 625 किमी, लेह से खोतान की दूरी 390 किमी और लेह से गुरगुंसा की दूरी 330 किमी है। ये सभी तिब्बत में 11000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित हैं। इतनी ऊंचाई से टेकऑफ करने पर ईंधन और साथ ले जाने वाले हथियार दोनों का ही वजन कम रखना होता है। इससे फाइटर जेट्स की मारक क्षमता और रेंज दोनों ही कम हो जाते हैं। साथ ही इतनी लंबी दूरी की उड़ान को रडार से पकड़े जाने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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स्कर्दू से लद्दाख और कश्मीर दोनों में भारतीय ठिकानों पर हमले करना आसान होगा। स्कर्दू की लेह से दूरी 100 किमी के आसपास और कारगिल से 75 किमी के आसपास है। यहां के एयरबेस में दो रन वे हैं जिनमें से एक ढाई किमी लंबा और दूसरी 3.5 किमी लंबा है। यहां से चीनी फाइटर जेट्स आसानी से कार्रवाई कर वापस लौट सकते हैं। वहीं अगर भारत स्कर्दू पर जवाबी कार्रवाई करता है तो पाकिस्तान को युद्ध शूरू करने का आसान बहाना मिल जाएगा। चीनी वायुसेना के जे 10 और मिड एयर रिफ्यूलर आईएल 78 का स्कर्दू आना ये बताने के लिए काफी है कि उस इलाके में चीनी वायुसेना ने कोई बड़ी एक्सरसाइज की है।
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Yaspal

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