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गलवान घाटी तनाव: झड़प वाली जगह से एक किलोमीटर पीछे हटे चीनी सैनिक

2020-06-25T16:27:45.147

नेशनल डेस्क: भारत चीन के बीच हुई सहमति के बाद गलवान घाटी में तनाव को कम करने की कोशिश शुरू हो गई है। चीनी सेना अपने वाहन सहित गलवान घाटी पर झड़प वाली जगह से एक किलोमीटर पीछे हट गई है। सूत्रों के मुताबिक 22 जून को चीनी पक्ष ने आश्वासन दिया था कि वे सैनिकों को फ्रंट एरिया से डेप्थ एरिया में भेजेंगे। इस संबंध में गलवान क्षेत्र में कुछ सैनिकों और वाहनों को उनके द्वारा वापस ले जाया गया

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गलवान घाटी में झड़प के बाद यह पहली बार है, जब चीन की सेना पीछे हटी है।  दरअसल पिछले कुछ दिन से चीन गलवान घाटी पर दावा कर रहा है, लेकिन भारत इसे ऐसा दावा बता रहा है जिसमें कोई तथ्य नहीं है। पेंगोंग सो और गलवान घाटी के अलावा दोनों देश की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख के देमचोक, गोगरा हॉट स्प्रिंग और दौलत बेग ओल्डी में भी गतिरोध जारी है। बड़ी संख्या में चीनी सेना के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत की ओर आ गए थे।

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चीन ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई महत्वपूर्ण सेक्टरों पर सैनिकों की संख्या और हथियार दोनों बढ़ा दिए हैं। चीन ऐसे वक्त में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है जब दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक वार्ता जारी है। 

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दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ कमांडरों की सोमवार को बैठक हुई जो करीब घंटे चली और इस दौरान दोनों पक्षों में सहमति बनी कि वे पूर्वी लद्दाख में सभी संघर्ष बिन्दुओं पर गतिरोध को धीरे-धीरे कम करेंगे। दोनों पक्षों के बीच बुधवार को कूटनीतिक वार्ता भी हुई। इन घटनाक्रमों के बीच सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख के अग्रिम मोर्चा वाले क्षेत्रों का दौरा किया और सेना की अभियान संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। अपनी लद्दाख यात्रा के दूसरे दिन जनरल ने सेना की युद्ध संबंधी तैयारियों का जायजा लिया और वहां तैनात सैनिकों से बातचीत की। 
 


vasudha

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