IIT Bombay छात्र मौत मामला: नया CCTV फुटेज आया सामने, परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते दिखे साहिल वाकोडे

punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 01:46 PM (IST)

मुंबई:  IIT Bombay  के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस को घटना के दिन का नया सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मिला है। फुटेज में 18 सितंबर को साहिल वाकोडे से पूछताछ करते हुए और उन्हें परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते हुए देखा जा सकता है। इसके कुछ ही देर बाद वे अपने हॉस्टल लौटे और बाद में मृत पाए गए। इस फुटेज में परीक्षा हॉल और आस-पास के कॉरिडोर में उनकी गतिविधियों को देखा जा सकता है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस फुटेज की जांच कर रही है।

 एक रिपोर्ट के अनुसार, कैमरों में 22 वर्षीय साहिल से परीक्षा के दौरान पूछताछ करते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बाद साहिल को बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच हॉल से बाहर निकलते हुए कैद किया गया।  

 क्राइम ब्रांच IIT बॉम्बे कैंपस के अलग-अलग हिस्सों के CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। अब तक की जांच के अनुसार, साहिल दोपहर लगभग 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचे। 
 
गौरतलब है कि IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में विरोध प्रदर्शन हुए और उनके परिवार ने जाति-आधारित उत्पीड़न के आरोप लगाए। परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों सहित मामला दर्ज किया। बाद में जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

IIT बॉम्बे ने शुरू में कहा था कि साहिल परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए गए थे और उन्होंने कथित तौर पर जवाब पाने के लिए प्रश्न पत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था। बाद में संस्थान ने अपने पहले के बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि जांच के जरिए मौत से पहले की परिस्थितियों की पुष्टि होने से पहले उन्हें इस तरह बताना अनुचित था।

फैकेल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूला का समर्थन किया
इस बीच, IIT बॉम्बे फैकेल्टी फोरम प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में सामने आया है, जो परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर (निरीक्षक) थे। फ़ैकल्टी फ़ोरम ने कहा कि डूला एक इनविजिलेटर के तौर पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और कथित तौर पर एकेडमिक गड़बड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने इंस्टिट्यूट के तय नियमों का पालन किया था।  

वहीं, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के प्रेसिडेंट प्रोफेसर राजकुमार एस पंत ने मंगलवार को कहा कि छात्र कई वजहों से विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की आत्महत्या की घटना ने शायद छात्रों की दबी हुई निराशा को बाहर लाने का काम किया होगा। साथ ही, उन्होंने जाति-आधारित उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बचाव भी किया।

पंत ने कहा, "छात्र कई वजहों से विरोध कर सकते हैं, और कभी-कभी कोई घटना या स्थिति उनके लिए कई दबे हुए मुद्दों को लेकर अपनी निराशा ज़ाहिर करने का ज़रिया बन सकती है।" उन्होंने कहा कि IIT बॉम्बे में माहौल बहुत कॉम्पिटिटिव है और छात्रों को कई तरह के दबावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि संस्थान ने छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं।

 प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर लगे आरोपों के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे इस बात की चिंता है कि क्या क्लासरूम में प्रोफेसर डूला ने जो किया, उसमें कुछ गलत था। अगर कोई आरोप लगाता है, तो जब ये तथाकथित कमेंट्स किए गए, तब न तो माता-पिता और न ही बाहर के छात्र वहां मौजूद थे। मैं भी वहां मौजूद नहीं था। तो, कोई पक्के तौर पर कैसे कह सकता है कि ऐसा असल में हुआ था?" पंत ने आगे कहा कि डूला पर लगे आरोपों के बारे में कोई नतीजा निकालने से पहले जांच के नतीजों का इंतज़ार करना ज़रूरी है, और कहा कि फैकल्टी फोरम अपनी इस बात पर कायम है कि प्रोफेसर ने संस्थान के नियमों के मुताबिक ही अपनी ज़िम्मेदारियां निभाई थीं।

साहिल के परिवार के आरोपों पर जवाब
साहिल के परिवार के आरोपों पर कि प्रोफेसर डूला ने छात्र को महीनों तक परेशान किया और जातिवादी टिप्पणियां कीं, इस पर पंत ने कहा कि संस्थान में एक खास SC/ST सेल है जहां छात्र अपनी शिकायतें या चिंताएं बता सकते हैं, जिसमें गुमनाम तरीके से शिकायत करना भी शामिल है। पंत ने कहा कि उन्होंने IIT बॉम्बे के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर रवींद्र गुडी से बात की थी और उन्हें बताया गया कि साहिल की मौत से पहले के महीनों में SC/ST सेल को उससे कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, पंत ने कहा कि फैकल्टी फोरम उन आरोपों पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है जो पुलिस जांच का हिस्सा हैं।


 


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Content Editor

Anu Malhotra

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