'आंखें बंद होने पर भी पता था विमान नीचे जा रहा है': घायल कैप्टन ने सुनाई काॅकपिट के अंदर की आपबीती
punjabkesari.in Friday, Oct 02, 2026 - 03:47 PM (IST)
नई दिल्ली : दुबई-तेल अवीव उड़ान के दौरान अपने को-पायलट के हमले के बाद एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद करने वाले कैप्टन स्मित मच्छर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि बुरी तरह घायल होने और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने के बावजूद, उन्होंने कॉकपिट के दरवाज़े तक पहुxचने के लिए "एक आखिरी कोशिश" की क्योंकि वह सभी यात्रियों को मरने नहीं दे सकते थे।
शुक्रवार को पीएम मोदी से फोन पर बात करते हुए, कैप्टन स्मित ने हमले के बाद फर्श पर गिरने के पलों को याद किया और कहा कि उनके 17 साल के उड़ान अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि विमान नीचे जा रहा था। स्मित ने प्रधानमंत्री से कहा "जब मैं फर्श पर गिरा हुआ था, तो मुझे एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा था। और मुझे पक्का पता था, 'यह एक आखिरी कोशिश है, स्मित। बस कर डालो। दरवाज़ा वहीं है।' मुझ पर हमले हो रहे थे, फिर भी मैं किसी तरह उसे खोलने में कामयाब रहा, सर। फिर बाकी लोग आ गए। इसमें दूसरों ने भी बराबर की भूमिका निभाई।"
कैप्टन ने कहा कि हालांकि वह होश में खुद से कह रहे थे कि वह अपनी जान बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अंदर ही अंदर पता था कि वह यात्रियों को मरने नहीं दे सकते। उन्होंने कहा "होश में, मैं सभी से कह रहा था कि मैं अपनी जान बचाने के लिए ऐसा कर रहा हूं, लेकिन साथ ही, मुझे अंदर ही अंदर पता था कि मैं उन सभी को मरने नहीं दे सकता ।"
कैप्टन ने कहा कि मैं 17 साल से एविएशन में विमान उड़ा रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं पिछले 11 वर्षों से कैप्टन हूं। आंखें बंद होने पर भी, मुझे ठीक-ठीक पता होता है कि विमान के साथ क्या हो रहा है," । प्रधानमंत्री ने मच्छर के साहस, धैर्य और सूझबूझ की तारीफ़ की और कहा कि उनके कामों ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा, "आपका साहस, आपका धैर्य और आपकी सूझबूझ। आपने पलक झपकते ही अहम फ़ैसले लिए और कई जानें बचाईं। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।" पीएम मोदी ने कैप्टन से यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर वह कभी भी उनसे संपर्क कर सकते हैं।
