प्लेन के कॉकपिट में चाकू मारने की घटना पहला मामला नहीं, क्रू-मेंबर्स कर चुके हैं हाईजैक की कोशिशें; सैकड़ों लोगों ने गंवाई जान
punjabkesari.in Thursday, Oct 01, 2026 - 02:26 PM (IST)
नई दिल्ली : बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मार दिया और फिर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के हौंसले और यात्रियों तथा क्रू-सदस्यों ने को-पायलट को काबू कर इस घटना को होने से रोक दिया। इसके बाद कैप्टन स्मित मच्छर की हर जगह तारीफ हो रही है जिन्होंने चाकू लगने के बाद भी अपना सयम बनाए रखा और कॉकपिट का दरवाजा खोला। बोइंग 737 ने सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग की, जहां उस पायलट को हिरासत में ले लिया गया। उससे पहले प्लेन के अचानक नीचे आने से इजराइल को शक हुआ कि कहीं इसे हाईजैक तो नहीं किया जा रहा है, इसलिए उन्होंने अपने लड़ाकू विमान तैनात कर दिए थे। लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब पायलट या क्रू-सदस्य ने प्लेन हाईजैक करने या उसे क्रैश करवाने के लिए ऐसा कुछ किया हो। अब जब यह मामला चर्चा में है तो इससे जुड़ी पुरानी घटनाओं पर भी नजर डाल लेते हैं :
22 अक्टूबर 2023
अलास्का एयरलाइंस के एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने कॉकपिट में एक अतिरिक्त सीट पर बैठे हुए एवरेट, वाशिंगटन से सैन फ्रांसिस्को जा रहे होराइजन एयर जेट के इंजन बंद करने की कोशिश की। प्लेन का रास्ता बदला गया और उसे पोर्टलैंड में उतारा गया, जिसमें 80 से ज्यादा लोग सवार थे। जोसेफ इमर्सन ने पुलिस को बताया कि वह एक दोस्त की हालिया मौत से दुखी था, उसने साइकेडेलिक मशरूम खाए थे और कई दिनों से सोया नहीं था।
21 मार्च 2022
दक्षिण-पश्चिम चीन के कुनमिंग से हांगकांग के पास ग्वांगझू जा रही चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की एक फ्लाइट पहाड़ से टकरा गई, जिससे उसमें सवार सभी 132 लोगों की मौत हो गई। चीनी अधिकारियों ने अभी तक अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन इस साल की शुरुआत में अमेरिकी जांचकर्ताओं द्वारा जारी डेटा से पता चलता है कि जेट के इंजन जानबूझकर बंद किए गए थे और प्लेन के नीचे गिरने से पहले कॉकपिट में लड़ाई हुई थी।
24 मार्च 2015
स्पेन के बार्सिलोना से जर्मनी के डसेलडोर्फ जा रहे जर्मनविंग्स जेट के को-पायलट ने कैप्टन को कॉकपिट के बाहर लॉक कर दिया और जानबूझकर प्लेन को फ्रेंच आल्प्स में क्रैश कर दिया, जिससे उसमें सवार सभी 150 लोगों की मौत हो गई। एंड्रियास लुबिट्ज डिप्रेशन से जूझ रहे थे और उन्हें नींद न आने और अपनी नजर खोने के डर की समस्या थी।
17 फरवरी 2014
इथियोपिया के अदीस अबाबा से इटली के मिलान जा रही इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट के को-पायलट ने प्लेन को हाईजैक कर लिया और उसका रास्ता बदलकर स्विट्जरलैंड के जिनेवा की ओर मोड़ दिया। को-पायलट, हैलेमेधिन अबेरा टेगेग्न ने स्थानीय पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया और राजनीतिक शरण मांगी। प्लेन में सवार 193 यात्रियों में से किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
29 नवंबर 2013
दक्षिणी अफ्रीकी देश से अंगोला जा रहे मोजाम्बिक एयरलाइंस के एक प्लेन के पायलट ने जान-बूझकर प्लेन को नामीबिया के एक नेशनल पार्क में गिरा दिया जिससे उसमें सवार सभी 33 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने उस समय बताया था कि पायलट हर्मिनियो डॉस सैंटोस फर्नांडीस ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर दिया था और जब को-पायलट बाथरूम गया, तो प्लेन को क्रैश करवा दिया।
31 अक्टूबर 1999
लॉस एंजिल्स से काहिरा जा रही इजिप्टएयर की एक फ्लाइट मैसाचुसेट्स के नैनटकेट के पास अटलांटिक महासागर में गिर गई जिससे उसमें सवार सभी 217 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। अमेरिकी जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि को-पायलट गमील अल-बटौटी ने प्लेन को क्रैश करवाया था, जबकि कैप्टन बाथरूम में था। जब कैप्टन वापस लौटा और प्लेन को सीधा करने की कोशिश करने लगा, तो उसने इंजन बंद कर दिए। हालांकि, मिस्र के अधिकारियों ने इन निष्कर्षों पर असहमति जताई और अपनी जांच में यह नतीजा निकाला कि इसकी वजह मैकेनिकल खराबी थी।
19 दिसंबर 1997
जकार्ता से सिंगापुर जा रही सिल्कएयर की एक फ्लाइट इंडोनेशिया के पालेमबांग शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे उसमें सवार सभी 104 लोगों की मौत हो गई। इंडोनेशियाई जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अच्छे मौसम में बोइंग जेट के नए मॉडल के क्रैश होने की वजह संभवतः "गैर-कानूनी दखल" थी। उनकी रिपोर्ट में पाया गया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बंद होने से पहले पायलट त्सू वे मिंग कॉकपिट से बाहर निकलने की प्रक्रिया में थे या ऐसा करने का इरादा रखते थे। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पायलट 'आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे थे और उन्हें कंपनी की कई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा था,' जिसमें डिमोशन (पद कम होना) भी शामिल था।
21 अगस्त 1994
मोरक्को के अगादिर से कैसाब्लांका जा रही रॉयल एयर मारोक की एक फ्लाइट, टेकऑफ के सिर्फ 10 मिनट बाद एटलस पहाड़ों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें सवार सभी 44 लोगों की मौत हो गई। जांचकर्ताओं ने पाया कि यूनिस खयाती ने ऑटोपायलट बंद कर दिया और प्लेन को जमीन की तरफ तेजी से नीचे गिरा दिया, जबकि को-पायलट ने उसे रोकने की नाकाम कोशिश की। उस समय एसोसिएटेड प्रेस ने रिपोर्ट किया था कि "पायलट अपनी जान देना चाहता था।" पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक यूनियन ने इन नतीजों पर सवाल उठाए।
7 अप्रैल 1994
फेडएक्स के एक ऑफ-ड्यूटी फ्लाइट इंजीनियर ने मेम्फिस, टेनेसी से सैन होजे कैलिफोर्निया जा रहे कंपनी के कार्गो प्लेन को हाईजैक करने की कोशिश की, जब वह जंप सीट पर यात्री के तौर पर यात्रा कर रहा था। ऑबर्न कैलोवे ने हथौड़े और स्पीयर गन से फ्लाइट क्रू पर हमला किया। क्रू ने उसे काबू में किया और प्लेन को सुरक्षित उतारा, हालांकि कैलोवे का सामना करने वाले लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। जांचकर्ताओं ने कहा कि कैलोवे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के बाद प्लेन को क्रैश करना चाहता था।
9 फरवरी 1982
फुकुओका से टोक्यो जा रही जापान एयरलाइंस की एक फ्लाइट टोक्यो खाड़ी में लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार 174 लोगों में से 24 की मौत हो गई। जांचकर्ताओं ने कहा कि कॉकपिट में पायलट सेइजी कटागिरी ने इंजन को रिवर्स थ्रस्ट पर डाला था। बाद में यह भी पता चला कि कटागिरी, जो क्रैश में बच गए थे, उन्हें पैरानॉयड स्किजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी का इतिहास होने के बावजूद उड़ान भरने के लिए फिट माना गया था।
