cancer relapse: इलाज के बाद कैंसर क्यों वापस आ सकता है और इसके दोबारा होने के क्या हैं लक्षण, एक्सपर्ट ने दी जानकारी

punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 01:09 PM (IST)

 नई दिल्ली: 'वेलकम', 'मुझसे शादी करोगी', 'आशिकी' और 'गदर 2' जैसी मशहूर फिल्मों में अपने यादगार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाले  अभिनेता मुश्ताक खान का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मुंबई के नानावटी अस्पताल के ICU में भर्ती मुश्ताक खान ने बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद अंतिम सांस ली। उनके साथी शिवम के अनुसार, मुश्ताक खान को पहले भी कैंसर हुआ था। इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया था और वे ठीक होने के संकेत दे रहे थे। हालांकि, निधन से लगभग आठ दिन पहले यह बीमारी अचानक  एडवांस्ड रूप में दोबारा लौट आई।

एक इंग्लिश वेबसाइट पर दी जानकारी के अनुसार, जब इलाज के बाद कैंसर दोबारा लौट आता है, तो इसे मेडिकल भाषा में Cancer Relapse कहा जाता है। यह स्थिति मरीजों और उनके परिजनों के लिए बहुत चिंताजनक होती है। 

आइए, नई दिल्ली के पीएसआरआई (PSRI) अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक से समझते हैं कि कैंसर दोबारा क्यों लौटता है, यह कितना खतरनाक है और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं।

1. क्या होता है 'कैंसर रिलैप्स'?
चिकित्सक के अनुसार, जब किसी मरीज का इलाज पूरा हो जाता है और जांचों में बीमारी का कोई निशान नहीं दिखता (जिसे मेडिकल भाषा में रिमिशन/Remission कहते हैं), उसके कुछ समय बाद अगर कैंसर शरीर में फिर से पनपने लगे, तो उसे 'रिलैप्स' कहते हैं।

इलाज के बाद भी क्यों लौटती है बीमारी?
कैंसर का इलाज शरीर से ज्यादातर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर देता है, लेकिन कभी-कभी कुछ सूक्ष्म कोशिकाएं (Microscopic cells) बच जाती हैं। ये कोशिकाएं महीनों या सालों तक शांत अवस्था में रहती हैं और समय बीतने पर फिर से बढ़ने लगती हैं। इसीलिए इलाज पूरा होने के बाद भी डॉक्टरों द्वारा बताए गए नियमित 'फॉलो-अप चेकअप' को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

2. कैंसर का दोबारा आना कितना गंभीर है?
डॉक्टरों के मुताबिक, कैंसर का दोबारा लौटना गंभीर बात है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इलाज के रास्ते बंद हो चुके हैं। रिलैप्स के बाद की स्थिति कई बातों पर निर्भर करती है...
- क्या कैंसर सिर्फ पुरानी जगह पर है या शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया है?
-पिछला इलाज खत्म होने के बाद मरीज कितने समय तक पूरी तरह ठीक रहा?

इलाज का तरीका-
कुछ मामलों में डॉक्टर फिर से आक्रामक इलाज चुनते हैं, तो कुछ मामलों में मुख्य मकसद मरीज को दर्द से राहत देना और उसकी  Quality of Life को बेहतर बनाए रखना होता है।

3. कैंसर रिलैप्स के शुरुआती लक्षण
इलाज पूरा होने के बाद यदि शरीर में इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहे या बिगड़ता दिखे, तो तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए:
-अचानक और बिना वजह वजन घटना
-लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
-शरीर में कोई नई गांठ या असामान्य सूजन आना
-बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार दर्द रहना
-पुरानी खांसी जो ठीक न हो रही हो या सांस लेने में तकलीफ
-मल या पेशाब की आदतों में अचानक बदलाव होना
-शरीर के किसी हिस्से से असामान्य ब्लीडिंग (खून आना)
-लगातार भूख न लगना

इनमें से कोई भी एक लक्षण दिखने का मतलब यह कतई नहीं है कि कैंसर वापस आ ही गया है। इनके पीछे कई अन्य सामान्य कारण भी हो सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी नए या बने रहने वाले लक्षण को नजरअंदाज न करें।


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Content Editor

Anu Malhotra

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