Cancer मरीजों के लिए खुशखबरी! स्पेस में मिली जानलेवा बीमारी की दवा, अब मिनटों में हो जाएगा इलाज

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 10:17 AM (IST)

Cancer Treatment Breakthrough: कैंसर के मरीजों के लिए विज्ञान ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। सालों से जिस पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Pembrolizumab) दवा को चढ़ाने के लिए मरीजों को घंटों अस्पताल के बेड पर गुजारने पड़ते थे अब वह मात्र 1 मिनट के इंजेक्शन में बदल गई है। इस बड़ी कामयाबी के पीछे किसी लैब का नहीं बल्कि अंतरिक्ष (Space) का हाथ है।

NASA और दवा कंपनी Merck का अनोखा प्रयोग

कैंसर की मशहूर दवा Keytruda (कीट्रूडा) को और बेहतर बनाने के लिए फार्मा कंपनी Merck ने नासा (NASA) के साथ हाथ मिलाया। वैज्ञानिकों ने दवा के क्रिस्टल्स को 'इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन' (ISS) भेजा।

अंतरिक्ष ही क्यों चुना गया? धरती पर गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण दवाओं के क्रिस्टल आपस में जुड़ जाते हैं और उनका आकार असमान (टेढ़ा-मेढ़ा) हो जाता है। लेकिन अंतरिक्ष में जीरो-ग्रैविटी के कारण:

  • क्रिस्टल बिल्कुल समान, मजबूत और स्थिर बने।

  • अंतरिक्ष में विकसित क्रिस्टल की संरचना इतनी साफ थी कि वैज्ञानिकों को दवा का नया फॉर्मूला समझने में मदद मिली।

PunjabKesari

2 घंटे का दर्द, अब 1 मिनट में खत्म

इस खोज का सबसे बड़ा फायदा दवा देने के तरीके में आया है। पहले इस दवा को IV ड्रिप (नस के जरिए) दिया जाता था जिसमें 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक का समय लगता था।

  • नया रूप (Subcutaneous): अंतरिक्ष में मिली जानकारी के आधार पर अब इसका 'सबक्यूटेनियस' वर्जन तैयार किया गया है। इसे अब त्वचा के नीचे एक छोटे इंजेक्शन की तरह दिया जा सकता है।

  • FDA की मंजूरी: सितंबर 2025 में अमेरिकी रेगुलेटर FDA ने इसे हरी झंडी दे दी। अब मरीज को हर तीन हफ्ते में सिर्फ एक मिनट का इंजेक्शन लेना होगा।

यह भी पढ़ें: दारू पीने वालों की बल्ले-बल्ले! अब शराब असली है या नकली, बताएगा आपका मोबाइल, जानें कैसे?

पेम्ब्रोलिज़ुमैब: कैंसर के खिलाफ 'इम्यून' कवच

यह दवा एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है। यह सीधे कैंसर को नहीं मारती बल्कि शरीर के इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को इतना शक्तिशाली बना देती है कि वह खुद कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन्हें नष्ट करने लगता है। इसका उपयोग फेफड़ों के कैंसर और मेलानोमा जैसे खतरनाक रोगों में होता है।

PunjabKesari

मरीजों और अस्पतालों को क्या होगा फायदा?

  1. समय की बचत: मरीजों को अब अस्पताल में भर्ती होने या घंटों बैठने की जरूरत नहीं।

  2. कम खर्च: ड्रिप और बेड चार्ज कम होने से इलाज सस्ता होगा।

  3. आसान जिंदगी: मरीज इंजेक्शन लगवाकर तुरंत अपने काम पर वापस जा सकेंगे।

  4. हेल्थ सिस्टम पर कम बोझ: नर्सों और डॉक्टरों का कीमती समय बचेगा, जिससे वे अन्य मरीजों पर ध्यान दे पाएंगे।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News