इमिग्रेशन पर कनाडा का सख्त एक्शन, 2026 की पहली छमाही में ही 3323 भारतीयों को देश से निकाला
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 05:23 PM (IST)
Ottawa: कनाडा में इमिग्रेशन नियमों को लेकर सख्ती का असर भारतीय नागरिकों पर भी दिखाई दे रहा है। 2026 के पहले छह महीनों में ही कनाडा ने 3,323 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर भेज दिया। यह आंकड़ा पूरे 2025 में बाहर भेजे गए 3,779 भारतीयों के बेहद करीब पहुंच चुका है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो इस साल पिछले रिकॉर्ड के टूटने की संभावना है। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (CBSA) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच 3,323 भारतीय नागरिकों को कनाडा से बाहर भेजा गया। वहीं, पूरे 2025 में यह संख्या 3,779 थी। यानी 2026 के सिर्फ छह महीनों में ही पिछले पूरे साल के आंकड़े का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।
अब तक कनाडा से सबसे ज्यादा भारतीय नागरिकों को 2025 में बाहर भेजा गया था। लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए 2026 में यह रिकॉर्ड पार होने की संभावना जताई जा रही है। 2026 की पहली छमाही में कनाडा से बाहर भेजे गए लोगों में भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इस मामले में भारत ने मेक्सिको को पीछे छोड़ दिया है। जनवरी से जून के बीच 1,573 मैक्सिकन नागरिकों को कनाडा से वापस भेजा गया। पिछले पांच वर्षों में कनाडा से बाहर भेजे जाने वाले विदेशी नागरिकों की सूची में मेक्सिको आम तौर पर सबसे ऊपर रहा था, जबकि भारत दूसरे स्थान पर था।
कनाडा आमतौर पर उन लोगों को देश से बाहर भेजता है, जो उसके आव्रजन नियमों का पालन नहीं करते। इसमें कई तरह के मामले शामिल हो सकते हैं।इनमें वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी कनाडा में रहना, शरण या शरणार्थी आवेदन खारिज होना, आव्रजन नियमों का उल्लंघन और वीजा से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को देश से बाहर भेजे जाने का कारण उसके व्यक्तिगत मामले और कनाडाई आव्रजन कानूनों के तहत तय होता है।कनाडा पिछले कुछ समय से अपनी आव्रजन व्यवस्था को सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहा है। सरकार अस्थायी निवासियों की संख्या को कम करने पर जोर दे रही है।
इसका असर खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी विदेशी कर्मचारियों की संख्या पर पड़ा है। कनाडा की सरकार आव्रजन व्यवस्था पर दबाव कम करने और देश में अस्थायी निवासियों की संख्या नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत इससे पहले 2020 में कनाडा से बाहर भेजे गए नागरिकों की सूची में सबसे ऊपर रहा था। उस साल कनाडा ने 1,424 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर भेजा था। इसके बाद कई वर्षों तक मेक्सिको इस सूची में ऊपर रहा, जबकि भारत दूसरे स्थान पर बना रहा। अब 2026 की पहली छमाही में भारत एक बार फिर इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच गया है।
