5 देशों की यात्रा से लौटते ही PM मोदी ले सकते हैं बड़ा फैसला? बुलाई गई कैबिनेट मंत्रियों की बैठक
punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 05:59 AM (IST)
नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर, विदेश दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार (21 मई 2026) को मंत्रिपरिषद की एक बड़ी और अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक को सरकार के 'मिडटर्म रिव्यू' (मध्यावधि समीक्षा) के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड खंगाले जाएंगे और भविष्य के लिए शासन का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
चार पैमानों पर होगा 'रिपोर्ट कार्ड' का फैसला
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सभी मंत्रालयों के कामकाज की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। कामकाज को परखने के लिए मुख्य रूप से चार बिंदु तय किए गए हैं:
- विधायी बदलाव (Legislative Changes): पिछले दो वर्षों में कानूनों में क्या बड़े बदलाव किए गए।
- नियमों का सरलीकरण: पुराने और जटिल नियमों को कितना आसान बनाया गया।
- नीतिगत सुधार (Policy Reforms): नीतियों में सुधार के क्या परिणाम रहे।
- प्रशासनिक सुधार: प्रशासन को जनता के लिए कितना सुलभ बनाया गया।
एक दर्जन मंत्रालय देंगे प्रेजेंटेशन
बैठक के दौरान कृषि, पेट्रोलियम, वन एवं पर्यावरण, कॉमर्स, पावर और एटोमिक एनर्जी समेत लगभग 12 प्रमुख मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसमें वे अपने अब तक के सुधारों और आगे की कार्ययोजना का ब्यौरा प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे।
सुशासन और सुधारों पर रहेगा जोर
सरकार का पूरा ध्यान इस समय सुशासन (Good Governance) और जन-केंद्रित सुधारों को और तेज करने पर है। बैठक का उद्देश्य मंत्रियों को उन व्यापक सुधारों से अवगत कराना है जो पिछले दो वर्षों में लागू किए गए हैं, ताकि आगामी राजनीतिक और आर्थिक लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके। खास बात यह है कि यह बैठक पश्चिम एशिया संकट के बीच हो रही है, जिससे इसकी कूटनीतिक और रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
क्या होगा मोदी कैबिनेट का विस्तार?
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर एक और चर्चा गर्म है। प्रधानमंत्री ने कुछ समय पहले ही सभी मंत्रालयों से उनके कामकाज की रिपोर्ट मांगी थी, जो अब पीएमओ (PMO) को मिल चुकी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस समीक्षा बैठक के बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल या विस्तार हो सकता है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किन मंत्रियों का कद बढ़ेगा और किन पर गाज गिरेगी।
