क्या FIR या पुलिस केस के बाद भी मिल सकती है सरकारी नौकरी? जानिए जरूरी बातें...
punjabkesari.in Friday, Feb 28, 2025 - 06:43 PM (IST)
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नेशनल डेस्क: भारत में युवाओं में सरकारी नौकरी पाने की जबरदस्त चाहत होती है। हर साल लाखों उम्मीदवार UPSC, SSC, पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इन नौकरियों के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास करना अनिवार्य है, लेकिन कई बार उम्मीदवारों के मन में यह सवाल आता है कि क्या अगर उनका नाम एफआईआर या किसी पुलिस केस में आ गया है, तो क्या उन्हें सरकारी नौकरी मिल पाएगी? दरअसल, क्रिमिनल रिकॉर्ड होने पर सरकारी नौकरी मिलने की संभावना कई पहलुओं पर निर्भर करती है। पुलिस केस के बावजूद नौकरी मिलने या न मिलने का फैसला अपराध की गंभीरता, स्थिति और नौकरी के नियमों पर आधारित होता है।
क्रिमिनल रिकॉर्ड का सरकारी नौकरी पर असर
चरित्र सत्यापन - केंद्र और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों में नियुक्ति से पहले पुलिस सत्यापन होता है। इस सत्यापन में कैंडिडेट का क्रिमिनल रिकॉर्ड चेक किया जाता है। अगर आपके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है या मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो यह आपके सरकारी नौकरी पाने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
छोटे अपराध - ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन या छोटी झड़प जैसे मामूली मामलों का आमतौर पर सरकारी नौकरी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, बशर्ते कि कोर्ट ने दोषी नहीं ठहराया हो।
गंभीर अपराध -यदि आप पर हत्या, बलात्कार, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप हैं और आप दोषी पाए जाते हैं, तो सरकारी नौकरी मिलना लगभग असंभव हो जाता है।
नैतिक अधमता - यदि अपराध को नैतिक अधमता की श्रेणी में रखा जाता है (जैसे चोरी, हिंसा, यौन अपराध), तो उम्मीदवार को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जा सकता है।
कानूनी स्थिति
मामला विचाराधीन- यदि आपके खिलाफ केस चल रहा है, लेकिन अभी दोष साबित नहीं हुआ है, तो कुछ विभागों में नौकरी मिल सकती है। हालांकि, नियुक्ति पत्र में यह शर्त हो सकती है कि कोर्ट का अंतिम फैसला आपके पक्ष में होना चाहिए।
दोषमुक्ति -यदि कोर्ट से आप बरी हो गए हैं, तो आपके पक्ष में काम करता है और आपको नौकरी मिल सकती है, बशर्ते आप इसे साबित कर सकें।
दोषसिद्धि - अगर कोर्ट ने आपको दोषी पाया है, तो अधिकांश सरकारी नौकरियों में अयोग्यता होती है। हालांकि, कुछ मामलों में सजा पूरी होने के बाद आप फिर से आवेदन कर सकते हैं।
नौकरी के नियम और विभाग
- क्लर्क, शिक्षक या रेलवे कर्मचारी जैसे कुछ विभागों में छोटे अपराधों को नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन गंभीर अपराध में अयोग्यता होती है।
- पुलिस और सेना जैसे विभागों में क्रिमिनल रिकॉर्ड होने पर बहुत सख्ती होती है। यहां छोटे अपराध भी नौकरी में रुकावट बन सकते हैं।
- न्यायाधीश या कानूनी पदों के लिए साफ रिकॉर्ड अनिवार्य होता है।
- कुछ PSU में निजी नियम होते हैं, जो कंपनी की नीति पर निर्भर करते हैं।
कानूनी छूट
- यदि कोर्ट या सरकार से सजा माफ हो गई है, तो आप फिर से सरकारी नौकरी के योग्य हो सकते हैं।
- अगर सिर्फ FIR दर्ज हुई है, लेकिन चार्जशीट नहीं दाखिल हुई या केस आगे नहीं बढ़ा तो यह नौकरी में कोई रुकावट नहीं बनेगा।
- यदि अपराध तब हुआ जब आप नाबालिग थे, तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत रिकॉर्ड गोपनीय रहता है और इसका आमतौर पर सरकारी नौकरी पर असर नहीं पड़ता।
क्रिमिनल रिकॉर्ड होने पर क्या करें?
- आवेदन फॉर्म में क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में सही जानकारी दें। झूठ बोलने से नौकरी छिन सकती है।
- कोर्ट के फैसले, बरी होने का प्रमाण या पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट तैयार रखें।
- वकील से संपर्क करें, ताकि कानूनी स्थिति साफ हो सके और रिकॉर्ड को ठीक किया जा सके।
- जिस सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके नियमों को समझें और कोई भी शंका होने पर संबंधित विभाग से संपर्क करें।