जानें अब किसकी टेंशन बढ़ाने वाले हैं Sonam Wangchuk? स्वतंत्रता दिवस पर कर दिया ये बड़ा ऐलान
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 10:42 AM (IST)
नई दिल्ली : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लद्दाख के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने देश के नाम एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश जारी किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने भारतीय राजनीति और जनप्रतिनिधियों के चयन के तरीके में बड़े स्तर पर बदलाव लाने का आह्वान किया है।
वांगचुक ने इसे भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन करार देते हुए देशवासियों से ईमानदार, निस्वार्थ और निर्भीक नागरिकों के नाम आगे लाने की अपील की है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार को भारत में राजनीतिक नेतृत्व चुनने के तरीके में शांतिपूर्ण क्रांति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर देश को 2047 तक एक सम्मानित राष्ट्र बने रहना है तो उसे बड़े बदलाव की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और उन्होंने देश और उसके भविष्य के बारे में सोचने में समय बिताया। उन्होंने कहा, पचास साल पहले, जो पड़ोसी देश हमसे पीछे थे या हमारे बराबर थे वे अब हमसे बहुत आगे निकल गए हैं। उन्होंने थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश का नाम लिया।
उन्होंने कहा, अगर हम प्रति व्यक्ति जीडीपी की बात करें, और अगर यही स्थिति बनी रही तो 2047 में हम न केवल एक विकसित देश नहीं बन पाएंगे बल्कि दुनिया के बाज़ार में अपना चेहरा दिखाने लायक भी नहीं रहेंगे। वांगचुक ने उन लोगों को बधाई दी जिन्होंने पिछले दो महीनों में बदलाव की मांग की और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में भी बदलाव हुआ।
उन्होंने आगे कहा, मैं एक तरफ तो आपको बधाई देना चाहता हूं कि आपने बदलाव चाहा और पिछले दो महीनों में विरोध प्रदर्शन किया और भले ही बदलाव हुआ... शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया लेकिन अगले शिक्षा मंत्री से भी मुझे किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं है। वांगचुक ने कहा कि देश की प्रगति उसके शिक्षा तंत्र से गहराई से जुड़ी हुई है।
VIDEO | Activist Sonam Wangchuk on Thursday called for a "peaceful revolution" in the way India chooses its political leadership, saying the country needs a major change if it is to remain a "respectable nation" by 2047.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 14, 2026
In a video message ahead of Independence Day, Wangchuk… pic.twitter.com/evUQcPjFO6
उन्होंने कहा, और जब तक शिक्षा पिछड़ी रहेगी, देश का भविष्य भी पिछड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि शासन के मुद्दे को किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग पार्टियों की सरकारों ने असहमति की आवाज़ को दबाया है।
दिल्ली में एक पार्टी की सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई गई और फिर दूसरे राज्यों में जहां दूसरी पार्टी की सरकार थी उन्होंने भी वही अन्याय किया और उसी तरह आवाज़ को दबाया। इसलिए यह पार्टियों का मामला भी नहीं है। वांगचुक ने 2012-13 के भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के बाद हुए राजनीतिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि उसके बाद सरकार बदलने से भ्रष्टाचार और अन्याय खत्म नहीं हुआ।
उन्होंने कहा लेकिन आज, 12 साल बाद, भ्रष्टाचार और अन्याय ने एक नया रूप ले लिया है। यह पहले से 2-3 गुना ज़्यादा बड़ा है हमारी आंखों में आंखें डालकर देख रहा है और हमें डरा रहा है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं को चुनने के तरीके में बुनियादी बदलाव की मांग की।
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उन्होंने कहा, इसलिए हमें बहुत बड़े बदलाव की ज़रूरत है हमें क्रांति की ज़रूरत है हमें इस देश में एक शांतिपूर्ण क्रांति की ज़रूरत है ताकि हम सही नेताओं के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने आगे कहा, क्योंकि सबसे बड़ी कमी हमारे नेतृत्व को चुनने में है। जब तक नेता सही नहीं होंगे पूरा देश गलत रास्ते पर चलेगा।
चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा घोषित आपराधिक मामलों पर चिंता जताते हुए वांगचुक ने कहा कि अभी भी कई ऐसे नेता हैं जो सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं और सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने कहा, लेकिन क्या आप जानते हैं, अगर आप हमारी संसद को देखें तो लगभग आधे सांसद अपराधों के आरोपी हैं। एक तिहाई पर हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं। तो ऐसी स्थिति में देश कैसे तरक्की कर सकता है?

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनकी आलोचना किसी खास राजनीतिक पार्टी या विपक्ष के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने कहा, मैं किसी खास पार्टी या विपक्ष की बात नहीं कर रहा हूं मैं देश की बात कर रहा हूं। वांगचुक ने कहा कि वह देश भर के लोगों को एक साथ लाकर इस बात पर चर्चा करना चाहते हैं कि क्या बदलने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा, मैं देश के बेहतरीन दिमागों से सलाह लेना चाहता हूं चाहे वे कहीं भी हों ताकि इस बात पर मंथन किया जा सके कि क्या और कैसे बदलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ बुद्धिजीवियों से आगे बढ़कर लोगों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा, सिर्फ सोचने वाले बुद्धिजीवी नहीं बल्कि निस्वार्थ, निडर और अच्छे चरित्र व मज़बूत व्यक्तित्व वाले स्त्री-पुरुष। लद्दाख में रहने वाले वांगचुक ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ऐसे लोग कहाँ मिलेंगे और उन्होंने नागरिकों से मदद मांगी।
उन्होंने कहा, दूर-दराज़ लद्दाख में बैठे हुए मुझे नहीं पता कि वे कौन हैं और कहां हैं इसलिए आप देश और अपने इलाके से कम से कम एक ऐसे व्यक्ति का नाम सुझाकर मदद कर सकते हैं। वीडियो में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन्हें आज़ादी के दिन के तोहफे के तौर पर ऐसे नाम सुझाएं और कहा कि वह ऐसे लोगों से मिलना चाहते हैं जो हमारे देश का नया नक्शा बनाने में मदद कर सकें।
