20 माह की बच्ची का महादान,  मरते मरते 5 लोगों के जीवन में बिखेर गई खुशियां

2021-01-14T13:44:45.41

नेशनल डेस्क:  आज के समय में जहां लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन बने हुए हैं तो वहीं महज 20 महीने की बच्ची 5 लोगों की नई जिंदगी दे गई। एक बार में विश्वाश करना मुश्किल है कि इतनी छाेटी बच्ची कैसे किसी की जान बचा सकती है लेकिन ऐसा किया है धनिष्ठा ने। जो आज दुनिया को अलविदा बोल चुकी है लेकिन जाते जाते 5 लोगों को नया जीवन दे गई। इस वजह से धनिष्ठा सबसे कम उम्र की कैडेवर डोनर बन गई हैं।

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दरअसल दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले एक दंपत्ति के घर 20 महीने पहले एक बेटी ने जन्म लिया था। 8 जनवरी को वह मासूम खेलती खेलती  घर की पहली मंजिल से नीचे गिर गई। उसे तुरंत सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया जहां उस मासूम को उठाने की कोशिश की गई लेकिन डाक्टरों को कामयाबी नहीं मिल पाई। धनिष्ठा के ब्रेन को डेड घोषित कर दिया गया। हालांकि उसके बाकी सभी अंग सही से काम कर रहे थे।

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धनिष्ठा के पिता अशीष कुमार और मां बबिता ने अपनी बच्ची के अंग को दान करने का फैसला लिया। अशीष कुमार ने बताया कि  हम अपनी बेटी को खो चुके थे, ऐसे में हमने अस्पताल में ऐसे मरीज़ देखे जिन्हे अंगों की सख्त आवश्यकता थी। इसके बाद उन्होंने धनिष्ठा के दिल, लिवर, दोनों किडनी और आंखे  5 मरीजों को दान कर दी। मासूम बच्ची खुद तो नहीं बच पाई  लेकिन जाने से पहले 5 लोगों के चेहरे पर एक मुस्कान छोड गई। 


कितने तरह के अंगदान होते हैं
अंगदान दो तरह का होता है. एक, जीवित अंगदान और दूसरा मृतक अंगदान. जीवित अंगदान में कोई जीवित व्यक्ति किडनी और पैंक्रियास का कुछ हिस्सा दान कर सकता है। मृतक अंगदान में मृत व्यक्ति अपने कई अंग दान कर सकता है। यह प्रक्रिया अक्सर ब्रेन डेड लोगों के लिए अपनाई जाती है। अंगदान में 8 अंग शामिल हैं जिन्हें दान किया जाता है। मृत व्यक्ति का किडनी, लीवर, फेफड़ा, ह्रदय, पैंक्रियास और आंत दान में दिया जा सकता है. साल 2014 में इस सूची में हाथ और चेहरे को भी शामिल कर दिया गया। कोई जिंदा व्यक्ति चाहे तो वह एक किडनी, एक फेफड़ा, लीवर का कुछ हिस्सा, पैंक्रियास और आंत का कुछ हिस्सा दान कर सकता है। 


vasudha

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