भाजपा घुसपैठियों के खिलाफ है, मुस्लिमों के नहीं: नितिन गडकरी

punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 02:01 PM (IST)

 नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने असम व पश्चिम बंगाल में पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि भाजपा घुसपैठियों का विरोध करती है न कि वह मुस्लिमों के खिलाफ है। असम में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होने हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना चार मई को होगी।

 हम घुसपैठियों के खिलाफ हैं
 गडकरी ने को दिए साक्षात्कार में कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि हम असम और पश्चिम बंगाल दोनों में जीतेंगे। भाजपा की नीति है कि धार्मिक पहचान से परे सभी को साथ लेकर चला जाए। हम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं।" पार्टी के विकास एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश और शासन-केंद्रित दृष्टिकोण भाजपा की चुनावी रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं।

आर्थिक वृद्धि को तेज करने के उद्देश्य से व्यापार को दिया जा रहा है बढ़ावा
 उन्होंने कहा, "असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र में लगभग पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1.5 लाख करोड़ से दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, लगभग दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।" उन्होंने कहा कि ये पहल विशेष रूप से सड़क परिवहन, राजमार्ग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था में सुधार, व्यापार को बढ़ावा देने और आर्थिक वृद्धि को तेज करने के उद्देश्य से हैं। 

समावेशिता भाजपा की नीति का केंद्र
गडकरी ने कहा, "यह सतत प्रयास असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनियादी ढांचा परिदृश्य को बदल देगा।" ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब हिमंत विश्व शर्मा नीत सरकार अपने विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को आधार बनाकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। गडकरी ने दोहराया कि समावेशिता भाजपा की नीति का केंद्र है और पार्टी सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। 

किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं बीजेपी 
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का विरोध केवल घुसपैठ के खिलाफ है, किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं। हाल में असम में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत साझा विरासत वाले शरणार्थियों को आश्रय दे सकता है, लेकिन अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को स्वीकार नहीं कर सकता, क्योंकि इससे देश "धर्मशाला" बन जाएगा। विविधता में एकता को देश की मूल भावना बताते हुए गडकरी ने कहा कि भाजपा किसी जाति, धर्म या भाषा के खिलाफ नहीं है और संविधान के अनुरूप अधिकार देने का समर्थन करती है। उनका संकेत प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत दी गई नागरिकता की ओर था। 

मतदाताओं में राजनीतिक परिवर्तन की इच्छा 
पश्चिम बंगाल के बारे में उन्होंने कहा कि वहां मतदाताओं में राजनीतिक परिवर्तन की इच्छा बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "लोग बदलाव के पक्ष में हैं" और भाजपा को राज्य में महत्वपूर्ण सफलता मिलने का भरोसा जताया। राज्य में कड़े मुकाबले को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी "अनावश्यक राजनीतिक टकराव" के बजाय शासन और विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखती है बीजेपी 
 भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरने के बाद राज्य में अपना आधार और मजबूत करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस आरोप कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए केंद्र सरकार चुनाव से पहले मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है, गडकरी ने कहा कि उनकी पार्टी नीति निर्माण में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखती है। उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रीय मुद्दों पर किसी तरह की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते। हमें (एसआईआर जैसे) मुद्दों को राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानकर देखना चाहिए।"


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Content Writer

Ramkesh

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