370 की बहाली, दिल्ली की दूरी, घाटी का विकास....साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक से जुड़ी बड़ी बातें यहां

2021-06-25T10:55:21.087

नेशनल डेस्क: लंबे समय तक आतंकवाद और अस्थिरता के दौर से गुजरे जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीरी नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। जम्मू-कश्मीर के आठ विभिन्न दलों के 14 नेताओं के साथ लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में  दर्जा बहाल करने और विधानसभा चुनाव कराने की मांग उठाई गई। हालांकि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह इस पूर्ववर्ती राज्य से ‘‘दिल्ली की दूरी’’ के साथ ही ‘‘दिलों की दूरियों’’ को मिटाना चाहते हैं। जानिए इस बैठक से जुड़ी बड़ी बातें 

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विधानसभा चुनाव संपन्न कराने पर जोर

  • कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बैठक में सबसे पहले राज्य का दर्जा बहाल करने और उसके बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी। 
  • प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल नेताओं की ओर से आए सभी सुझावों और तर्कों को गौर से सुना और कहा कि सभी ने खुले मन से बैठक में अपना पक्ष रखा है।
  • मोदी ने जिला विकास परिषद के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने की तरह ही वहां विधानसभा चुनाव संपन्न कराने पर जोर दिया।
  • बैठक में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास और जनहित के कार्यों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। 
  • पीएम मोदी ने विकास की गति पर संतोष जताते हुए कहा  कि इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों में आकांक्षाओं को लेकर उम्मीद की किरण जग रही है।

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जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की भी उठाई मांग 

  • बैठक में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया और शांतिपूर्ण चुनाव जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य की बहाली के प्रमुख मील के पत्थर हैं।
  • अमित शाह ने बैठक में साफ किया कि किसी भी विदेशी मुल्क के साथ कश्मीर मसले पर बातचीत शुरू नहीं की जाएगी
  • कांग्रेस ने मांग उठाई कि जमीन एवं रोजगार के मामलों में राज्य के डोमेसाइल (मूल नागरिकों) को गारंटी दी जाए तथा राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए।
  • नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से अपील की कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर विश्वास कायम करने की दिशा में काम किया जाए।

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बता दें कि ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के बारे में चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई थी जिसमें केंद्रशासित प्रदेश के 14 नेताओं ने भाग लिया। बैठक में जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा, गृह सचिव अजय भल्ला और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मौजूद थे।

 


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Content Writer

vasudha

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