मिड-डे मील में बड़ा खेल? UP के 558 मदरसे जांच के घेरे में, सरकार सख्त एक्शन के मूड में!
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 12:06 AM (IST)
नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसों में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। इस बार राज्य के 558 मदरसे जांच के घेरे में आ गए हैं, जिन पर बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड-डे मील योजना (मध्याह्न भोजन) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धांधली के आरोप लगे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और मदरसा संचालकों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बच्चों के हक का निवाला छीनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शिकायत से खुला मामला, जांच शुरू
इस पूरे मामले का खुलासा अखिल भारतीय पसमांदा समाज मंच की शिकायत के बाद हुआ। मंच ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक से औपचारिक शिकायत की थी कि कई मदरसों में मिड-डे मील योजना के तहत मिलने वाले राशन और फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है। आरोप है कि कागजों में बच्चों की संख्या बढ़ाकर दिखाई गई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। पसमांदा समाज के बच्चों के हित में उठाई गई इस आवाज को सरकार ने गंभीरता से लिया।
निदेशक मोनिका रानी के सख्त आदेश
शिकायत का संज्ञान लेते हुए मोनिका रानी ने तुरंत इन 558 मदरसों की जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या तय मानकों के अनुसार भोजन दिया जा रहा है या नहीं। साथ ही बजट आवंटन और वास्तविक लाभार्थियों की संख्या की भी गहराई से जांच होगी। अधिकारियों को तय समय सीमा में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
पारदर्शिता लाने की कोशिश तेज
योगी सरकार पिछले कुछ समय से मदरसा शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इससे पहले भी बिना मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराया गया था। अब मिड-डे मील जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जांच यह संकेत देती है कि सरकार शिक्षा और बच्चों की बुनियादी सुविधाओं में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस कार्रवाई का मकसद यही है कि योजना का लाभ सीधे जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचे।
