रियल लाइफ जुदाई! जूनियर को देखते ही दिल हार बैठीं 52 वर्षीय Mam, फिर जब पत्नी को पता चला तो...
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 12:53 PM (IST)
Real Life Judaai Movie Story : प्यार की कोई उम्र नहीं होती और न ही कोई सीमा लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया यह मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लग रहा है। यहां केंद्र सरकार के विभाग में तैनात एक 54 वर्षीय महिला अफसर ने अपने से 12 साल छोटे जूनियर सहकर्मी (42 वर्ष) के साथ घर बसाने के लिए उसकी पत्नी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। इस अनोखे सौदा-ए-इश्क की चर्चा पूरे देश में हो रही है।
ऑफिस की फाइलें और इश्क के पन्ने
मामला तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार के एक कार्यालय में पदस्थ सीनियर महिला अफसर का दिल अपने ही विभाग के एक जूनियर कर्मचारी पर आ गया। प्यार इतना परवान चढ़ा कि 42 वर्षीय वह व्यक्ति अपने परिवार (पत्नी और दो बेटियों) से दूर होने लगा। पिता के इस व्यवहार का असर बच्चों पर पड़ने लगा और घर में रोज झगड़े होने लगे।
बेटी की गुहार ने खोला राज
इस कहानी में मोड़ तब आया जब घर के तनाव से परेशान होकर शख्स की 16 साल की बड़ी बेटी ने फैमिली कोर्ट में गुहार लगाई। वह डिप्रेशन का शिकार हो रही थी। कोर्ट की काउंसलिंग के दौरान पता चला कि शख्स अपनी सीनियर अफसर के प्यार में पागल है और अपनी पत्नी को छोड़ना चाहता है। सालों की काउंसलिंग के बाद भी जब पति वापस लौटने को तैयार नहीं हुआ तो पत्नी ने एक बड़ा फैसला लिया।
₹1.5 करोड़ की जुदाई
90 के दशक की फिल्म जुदाई की तरह यहां भी रुपयों के बदले पति को सौंपने का समझौता हुआ। पत्नी ने अपने और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भारी मुआवजे की मांग की। सीनियर महिला अफसर ने अपनी जिंदगी भर की कमाई से जूनियर की पत्नी को एक लक्जरी डुप्लेक्स फ्लैट और 27 लाख रुपये नकद दिए। इस मुआवजे के बदले पत्नी ने तलाक के कागजों पर साइन कर दिए। इसके तुरंत बाद 54 वर्षीय महिला अफसर और 42 वर्षीय जूनियर प्रेमी ने शादी कर ली।
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कोर्ट की सलाह: सम्मानजनक विदाई ही बेहतर
फैमिली कोर्ट के काउंसलरों का मानना है कि जब रिश्ते में प्यार और भरोसा खत्म हो जाए तो जबरदस्ती साथ रहने से मानसिक प्रताड़ना ही बढ़ती है। बच्चों के बेहतर भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को देखते हुए यह समझौता एक 'सम्मानजनक विदाई' के तौर पर देखा गया। आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पिछले कुछ सालों में तलाक और पारिवारिक विवादों के मामलों में तेजी देखी गई है।
