Food Delivery Scam Alert : फूड ऐप यूजर्स ध्यान दें! डिलीवरी के नाम पर हो रहा धोखा, हो जाएं सावधान नहीं तो...
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 03:30 PM (IST)
Online Food Delivery Scam : डिजिटल इंडिया के दौर में फूड डिलीवरी ऐप्स ने जिंदगी आसान बना दी है लेकिन अब यही ऐप्स साइबर ठगों का नया हथियार बन गए हैं। पिछले कुछ महीनों में फूड डिलीवरी फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ठग इतने शातिर हैं कि वे आपको कॉल करके आपकी पसंदीदा डिश के कैंसिल होने या रिफंड देने का झांसा देकर आपकी जमापूंजी लूट रहे हैं।
ठगों का मेनू: कैसे फंसाते हैं जाल में?
साइबर अपराधी मुख्य रूप से तीन तरीकों से लोगों को शिकार बना रहे हैं:
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फेक रिफंड कॉल: ठग खुद को ऐप का कस्टमर केयर अधिकारी बताते हैं। वे कहते हैं कि आपका ऑर्डर कैंसिल हो गया है और पैसे वापस पाने के लिए आपको एक लिंक पर क्लिक करना होगा या ओटीपी (OTP) बताना होगा। जैसे ही आप जानकारी साझा करते हैं अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं।
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फर्जी डिलीवरी एजेंट: कई बार ठग डिलीवरी बॉय बनकर कॉल करते हैं और कहते हैं कि आपका पता नहीं मिल रहा या पेमेंट अपडेट नहीं हुआ है। वे एक ऐप डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक करने का दबाव बनाते हैं जो असल में आपके फोन का एक्सेस लेने वाला स्पाइवेयर होता है।
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नकली वेबसाइट और ऐप्स: इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइटें मौजूद हैं जो हूबहू लोकप्रिय फूड ऐप्स जैसी दिखती हैं। वहां ऑर्डर करते समय जैसे ही आप कार्ड डिटेल्स डालते हैं वह जानकारी सीधे हैकर्स के पास पहुंच जाती है।
इन 5 बातों का रखें ध्यान, वरना पड़ सकता है पछताना
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ सावधानियां बरतकर आप इन लुटेरों से बच सकते हैं:

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ऐप के बाहर न जाएं: ऑर्डर की ट्रैकिंग, कैंसिलेशन या रिफंड से जुड़ी कोई भी जानकारी हमेशा आधिकारिक ऐप के अंदर ही देखें। किसी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
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लिंक पर क्लिक करने से बचें: अगर कोई डिलीवरी एजेंट या कस्टमर केयर आपको व्हाट्सएप या एसएमएस पर लिंक भेजता है तो उसे भूलकर भी न खोलें।
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ओटीपी (OTP) है चाबी: याद रखें कोई भी असली कंपनी या बैंक आपसे रिफंड देने के लिए ओटीपी नहीं मांगता। ओटीपी साझा करने का मतलब है अपने बैंक का दरवाजा खोलना।
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ऑफिशियल नंबर का इस्तेमाल: अगर कोई समस्या है तो गूगल पर नंबर खोजने के बजाय ऐप के हेल्प (Help) सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें। गूगल पर दिए गए कई नंबर फर्जी हो सकते हैं।
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अनजान ऐप को ना कहें: ठग अक्सर स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स (जैसे AnyDesk या TeamViewer) डाउनलोड करने को कहते हैं। ऐसा कभी न करें इससे वे आपका पूरा फोन कंट्रोल कर सकते हैं।

