20 बागी सांसदों से मिलेंगे सुवेंदु अधिकारी, दिल्ली में होगी अहम बैठक

punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 07:43 AM (IST)

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को नई दिल्ली जाएंगे। वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उन 20 पूर्व लोकसभा सदस्यों से मिलेंगे, जिन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद 'नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) जॉइन कर ली थी।

यह बैठक बागी सांसदों की स्थिति को लेकर बढ़ती राजनीतिक लड़ाई के बीच हो रही है। TMC दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग कर रही है। यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि यह TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखने के ठीक एक दिन बाद हो रही है। उन्होंने पत्र में 20 सांसदों के खिलाफ पार्टी की अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया था।

हालांकि लोकसभा स्पीकर ने अभी तक इन सांसदों के NCPI में शामिल होने को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है, लेकिन लोकसभा में उनके बैठने की अलग व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। इससे पहले, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने TMC के वरिष्ठ सांसदों महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के साथ स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी और 20 बागी सांसदों को तुरंत अयोग्य ठहराने की मांग की थी।

हालांकि, स्पीकर के कार्यालय ने अभी तक याचिकाओं पर कोई फैसला नहीं लिया है। इस माहौल में, अधिकारी की NCPI सांसदों के साथ बैठक ने राजनीतिक ध्यान खींचा है। इन सांसदों ने केंद्र में सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का सहयोगी होने का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली के बंग भवन में तय की गई है। हालांकि आधिकारिक एजेंडा का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि चर्चा पश्चिम बंगाल से जुड़े मुद्दों और संसदीय तालमेल पर केंद्रित होगी।

इस घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर तालमेल के जरिए 'मेंबर्स ऑफ़ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट' (MPLAD) फंड का सही इस्तेमाल एजेंडा के मुख्य मुद्दों में से एक हो सकता है। राज्य के एक BJP नेता ने कहा, "इस बात पर चर्चा हो सकती है कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ये सांसद संसद में पश्चिम बंगाल से जुड़े कौन से मुद्दे उठाएंगे।"

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और अयोग्यता याचिकाओं का भविष्य अभी भी अनिश्चित है। याचिकाओं पर स्पीकर के अंतिम फ़ैसले का बागी सांसदों और तृणमूल कांग्रेस, दोनों पर ही अहम राजनीतिक असर पड़ने की उम्मीद है।
 


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Content Editor

Anu Malhotra

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