मरने से पहले IIT बॉम्बे के छात्र साहिल ने महिला दोस्त को फोन कही थी ये बात, पुलिस ने किया खुलासा
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 12:31 PM (IST)
मुंबई : पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को खुलासा किया कि IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े जाने के कुछ ही देर बाद एक महिला दोस्त को फोन किया और अपनी जान देने से पहले इस बात पर पछतावा जताया। उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को पता चला है कि परीक्षा हॉल की घटना के बाद वाकोडे ने कई दोस्तों को फोन किया था।
दूसरे साल के छात्र वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम को उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। उससे कुछ घंटे पहले ही उसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे में मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उसके माता-पिता ने संस्थान में अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक अब तक IIT बॉम्बे के छात्रों, फैकल्टी और हॉस्टल स्टाफ समेत 25 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जिन लोगों से पूछताछ की गई, उनमें वे दोस्त भी शामिल हैं जिन्हें परीक्षा और उसी शाम हॉस्टल के कमरे में उसकी मौत के बीच के समय में वाकोडे के फोन आए थे।
जांच में पता चला है कि वाकोडे ने एक महिला दोस्त से बात की थी और मिड-सेमेस्टर परीक्षा में अपने प्रदर्शन पर पछतावा जताया था। अधिकारियों ने बताया कि उसने कथित तौर पर उस महिला से कहा था कि उसने थर्मोडायनामिक्स के पेपर के दौरान गलती की थी और बाद में परीक्षा में नकल करने की घटना पर अफसोस जताया था। पूरे डिजिटल लॉग और डिवाइस हिस्ट्री हासिल करने के लिए पुलिस ने वाकोडे का iPhone तकनीकी जांच के लिए कलिना फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर स्थानीय फोरेंसिक विशेषज्ञ डिवाइस को अनलॉक नहीं कर पाते हैं, तो वे Apple कंपनी से सीधी मदद मांग सकते हैं।
इसके अलावा अकाउंट से जुड़ी जरूरी जानकारी शेयर करने के लिए WhatsApp से औपचारिक अनुरोध किया गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि डिजिटल सबूत और कैंपस से मिले CCTV फुटेज, परीक्षा के बाद हुई घटनाओं के सही क्रम का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएंगे। CCTV फुटेज को भी कलिना लेबोरेटरी भेजा गया है ताकि IT एक्ट के तहत सर्टिफिकेशन मिल सके और इसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
क्राइम ब्रांच साथ ही वाकोडे के परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोपों की भी जांच कर रही है। वाकोडे के पिता की शिकायत पर, पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ FIR दर्ज की थी। छात्र की मौत के बाद उन्हें संस्थान में एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन पद से हटा दिया गया था।
पुलिस को दिए अपने बयान में वाकोडे के पिता ने आरोप लगाया कि अपनी आखिरी मुलाकात के दौरान उनके बेटे ने बताया था कि प्रोफेसर डूला, संस्थान के डायरेक्टर शिरीष केदारे के कहने पर पिछले तीन महीनों से उसके साथ जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। साथ ही उसने एक झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका भी जताई थी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने अभी तक प्रोफेसर डूला का बयान दर्ज नहीं किया है, क्योंकि वे घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों, बयानों और तकनीकी सबूतों की जांच कर रहे हैं।
