पब में ID दिखाने को कहे जाने पर भड़का IAS अफसर और उनके दोस्त, कैमरे के सामने पुलिस वालों को दीं गालियां
punjabkesari.in Tuesday, Oct 13, 2026 - 02:48 PM (IST)
बेंगलुरु : बेंगलुरु पुलिस ने आंध्र प्रदेश कैडर के एक IAS अफसर और उनके तीन दोस्तों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि पब में छापेमारी के दौरान उन्होंने एक पुलिस इंस्पेक्टर के साथ बदसलूकी की और मारपीट की। यह घटना तब हुई जब बेंगलुरु पुलिस के अफसरों ने अक्टूबर में रात करीब 1:30 बजे एक पब में छापेमारी की और वहां मौजूद लोगों से उनकी ID दिखाने को कहा। ID दिखाने के लिए कहे जाने पर IAS अफसर पुलिस अफसरों से बहस करने लगे।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें IAS अफसर और उनके दोस्त पुलिस अफसरों को गालियां देते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोपी IAS अफसर की पहचान विकास मारमथ के तौर पर हुई है, जो आंध्र प्रदेश के कुप्पम में 'कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी' के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके तीन दोस्तों की पहचान अभय उदय सिंह, नितेश और रोशन के तौर पर हुई है। इस घटना के बाद कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। यह घटना कथित तौर पर 'कावूर' पब में हुई थी।
FIR में कहा गया है कि आरोपी IAS अफसर ने पुलिस इंस्पेक्टर के साथ मारपीट की और उन्हें धमकी दी। FIR के मुताबिक बेंगलुरु पुलिस, सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) के साथ मिलकर शहर भर के पब और दूसरी जगहों पर छापेमारी कर रही थी। ऐसी ही एक छापेमारी के दौरान, पिछले शुक्रवार को रात 1:30 बजे वर्दी पहने CCB के कर्मचारी पब में दाखिल हुए और ग्राहकों की उम्र कन्फर्म करने और संदिग्ध लोगों की जांच करने के लिए उनके पहचान पत्र देखने लगे। तलाशी के दौरान जब पुलिस ने मारमथ से उनका पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो वे और उनके तीन दोस्त कथित तौर पर भड़क गए और पुलिस से बहस करने लगे।
आरोपी IAS अफसर ने कथित तौर पर अफसरों को गालियां देना शुरू कर दिया। जब पुलिस इंस्पेक्टर ने उनसे उनके बर्ताव के बारे में सवाल किया, तो IAS अफसर ने कथित तौर पर इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारा और धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि वे एक IAS अफसर हैं और पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि शहर भर के पब और बार में देर रात छापेमारी की गई। लगभग 1,500 पुलिसकर्मियों ने 400 से 500 जगहों पर छापेमारी और जांच की ताकि खुलने-बंद होने के समय के नियमों के उल्लंघन, कम उम्र के लोगों के शराब पीने और दूसरी कथित अनियमितताओं का पता लगाया जा सके।
