Beating Retreat Ceremony : 29 जनवरी को क्यों खास होती है बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी? जानें पूरी कहानी

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 06:55 PM (IST)

नेशनल डेस्क: आज 29 जनवरी 2026 को भारत में गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक और भावुक समापन हो गया है। इस मौके पर नई दिल्ली के विजय चौक पर पारंपरिक बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया किया। यह समारोह 26 जनवरी से चले आ रहे गणतंत्र दिवस उत्सव का अंतिम और सबसे शांतिपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

इस खास कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीटिंग रिट्रीट भारतीय सेनाओं के अनुशासन, एकता और बलिदान का प्रतीक है।

बीटिंग रिट्रीट क्या होता है?

बीटिंग रिट्रीट एक पुरानी सैन्य परंपरा है। पहले के समय में जब युद्ध या अभ्यास के दौरान शाम होती थी, तो ढोल या बैंड बजाकर सैनिकों को शिविर में लौटने का संकेत दिया जाता था। इसी परंपरा को “बीटिंग द रिट्रीट” कहा गया। समय के साथ यह संकेत एक भव्य और सम्मानपूर्ण समारोह में बदल गया, जिसमें सैन्य संगीत, परेड और देशभक्ति की भावना जुड़ गई।

भारत में कब से होता है यह समारोह?

भारत में बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत 1950 के दशक में हुई। कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार 1955 में पहली बार इसे औपचारिक रूप से आयोजित किया गया। तब से हर साल 29 जनवरी की शाम को यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस का आधिकारिक समापन करता है।

कहां और कब होता है बीटिंग रिट्रीट?

बीटिंग रिट्रीट विजय चौक, नई दिल्ली
(राष्ट्रपति भवन के सामने, कर्तव्य पथ के पास) हर साल 29 जनवरी को सूर्यास्त के समय (आमतौर पर शाम 5 बजे के आसपास) आयोजित किया जाता है। 

बीटिंग रिट्रीट में क्या-क्या होता है? मुख्य आकर्षण

सैन्य बैंड की परेड

भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बैंड के साथ दिल्ली पुलिस और CAPF के बैंड भी शामिल होते हैं। सभी बैंड अनुशासित मार्च के साथ संगीत प्रस्तुत करते हैं।

देशभक्ति और भारतीय धुनें

कार्यक्रम में कदम कदम बढ़ाए जा,वंदे मातरम,लोकगीत और पारंपरिक भारतीय धुनें बजाई जाती हैं। हाल के वर्षों में भारतीय संगीत को प्राथमिकता दी जा रही है।

सबसे भावुक पल – “अबाइड विद मी”

यह धुन महात्मा गांधी को बेहद प्रिय थी। जब यह बजती है, तो पूरा माहौल शांत, गंभीर और भावनात्मक हो जाता है।

राष्ट्रपति को सलामी

राष्ट्रपति के आगमन पर सभी बैंड उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी देते हैं।

तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारना

समारोह के अंत में राष्ट्रीय ध्वज को पूरे सम्मान के साथ उतारा जाता है,और सेनाएं धीरे-धीरे मैदान से लौट जाती हैं।

इस समारोह का प्रतीकात्मक महत्व क्या है?

  • बीटिंग रिट्रीट यह संदेश देता है कि—
  • उत्सव खत्म हुआ, लेकिन कर्तव्य जारी है
  • सेना हमेशा तैयार है, लेकिन शांति सर्वोपरि है
  • यह सेना और आम नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बनाता है।

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Content Writer

Ramanjot

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