Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंसा का कहर जारी, एक और हिंदू की भीड़ ने पीटकर हत्या

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 10:05 AM (IST)

नेशनल डेस्क: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना रविवार रात (11 जनवरी) की है। इसके साथ ही देश में अब तक मारे गए हिंदुओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। बांग्लादेश में हालात उस समय और बिगड़ गए जब भारत-विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हुए।

ऑटो चालक था मृतक, हमले के बाद वाहन लेकर फरार हुई भीड़ समीर कुमार दास फेनी जिले के डागनभुइयां इलाके में ऑटो रिक्शा चलाकर जीवन यापन करता था। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पहले दास पर बेरहमी से हमला किया और फिर उसका ऑटो रिक्शा लेकर मौके से फरार हो गए। कुछ समय बाद उसका शव एक उपजिला अस्पताल के पास बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला लूट और हत्या का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

हाल के दिनों में कई हिंदुओं की संदिग्ध मौतें

समीर दास की हत्या से कुछ दिन पहले नरसिंदी जिले में एक हिंदू किराना दुकानदार पर उसकी दुकान में हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले की भी जांच शुरू की गई है। बीते एक सप्ताह में हिंसा से जुड़े दो और हिंदू पुरुषों की मौत हुई है। सिलहट में जॉय मोहापात्रा की अस्पताल में मौत हो गई। आरोप है कि मोबाइल फोन की किश्त को लेकर हुए विवाद के बाद उसने जहर खा लिया। हालांकि, परिजनों का दावा है कि दुकानदार आमिरुल इस्लाम ने 500 टका की बकाया किस्त को लेकर जॉय को पीटा, अपमानित किया और उकसाया, जिसके चलते उसकी मौत हुई। वहीं उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में 25 वर्षीय मिथुन सरकार की मौत तब हो गई, जब वह चोरी के आरोप में भीड़ से बचने के लिए एक नहर में कूद गया।

अल्पसंख्यकों पर हमलों का आरोप, परिषद ने लगाए गंभीर आरोप

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल ने दावा किया है कि पिछले दो हफ्तों में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर कई घटनाएं हुई हैं। परिषद के अनुसार, असामाजिक तत्वों ने एक हिंदू विधवा से बलात्कार किया, एक हिंदू ज्वेलरी दुकान में लूटपाट की और उत्तर-पश्चिमी कुरिग्राम जिले की हिंदू डिप्टी कमिश्नर को डराया-धमकाया गया, जब वह चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही थीं। पिछले सात दिनों में भी इसी तरह की घटनाओं के सामने आने का दावा किया गया है।

सरकार ने निंदा की, लेकिन सांप्रदायिक एंगल से किया इनकार

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने इन हत्याओं की निंदा तो की है, लेकिन बार-बार इन्हें 'सांप्रदायिक नहीं' बताते हुए मौतों की संख्या को “अपवाद” करार दिया है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं, जो शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद पहले आम चुनाव होंगे। ऐसे में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहराती जा रही है। 


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Content Editor

Anu Malhotra

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