'बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान बन गया है, भारत के लिए यह चिंता का विषय': बोले शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय

punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 06:10 AM (IST)

नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश के मौजूदा हालातों को लेकर गंभीर चेतावनियां जारी की हैं। तख्तापलट और निर्वासन के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में शेख हसीना ने नई दिल्ली में आयोजित 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया' के एक कार्यक्रम में वीडियो कॉल के जरिए हिस्सा लिया। इस दौरान उनके पूर्व सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सलाहकार और बेटे सजीब वाजेद जॉय ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश "दूसरा पाकिस्तान" बन गया है और यह घटनाक्रम भारत के लिए बेहद चिंताजनक होना चाहिए।

आतंकियों की रिहाई और 'राजनीतिक हत्याओं' का आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दावा किया कि बांग्लादेश में सजायाफ्ता आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया है। उनके बेटे जॉय ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले शासन में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और यह देश एक अराजक राष्ट्र (rogue state) बनने की कगार पर है। उन्होंने दावा किया कि शेख हसीना के हटने के बाद भी पुलिस हिरासत में मौतें थमी नहीं हैं और मौजूदा सरकार ने 5 अगस्त 2024 से राजनीतिक हत्याओं को कानूनी रूप दे दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले प्रदर्शनकारियों को दी गई "अभूतपूर्व छूट" (indemnity) पर सवाल उठाए, जिसके कारण उनके खिलाफ मुकदमे नहीं चलाए जा पा रहे हैं।

मौत के आंकड़ों में विसंगति पर सवाल
सजीब वाजेद जॉय ने जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के आंकड़ों में भारी विसंगतियों की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि जहां संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट में 1,400 मौतों का जिक्र है, वहीं बांग्लादेश सरकार इसे केवल 800 बता रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बाकी के 600 लोग कौन थे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को तख्तापलट के बाद हुई इस हिंसा की बारीकी से जांच करनी चाहिए।

पाकिस्तान के साथ बढ़ रही हैं नजदीकियां
अगस्त 2024 में ढाका में सत्ता परिवर्तन के बाद से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक संबंधों में बड़ा बदलाव आया है। दिसंबर 2024 में मोहम्मद यूनुस और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।वर्ष 1971 के बाद पहली बार दोनों देशों के बीच सीधा समुद्री व्यापार बहाल हुआ है और पाकिस्तानी मालवाहक जहाजों ने चटगांव बंदरगाह पर लंगर डाला है। अगस्त से दिसंबर 2024 के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 27% की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक दशक से अधिक समय के बाद ढाका की यात्रा की। इसके अलावा वीजा नियमों को आसान बनाया गया है और जनवरी 2025 से दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू हो गई हैं।

उग्रवाद की वापसी की आशंका
पूर्व बांग्लादेशी राजनयिक और खुफिया अधिकारी अमीनुल हक पोलाश ने भी उग्रवाद की वापसी की पुष्टि की। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे साल 2004 में चटगांव बंदरगाह पर भारत के असम में सक्रिय उग्रवादी संगठन 'उल्फा' (ULFA) के लिए भेजी जा रही 10 ट्रकों में भरी अवैध हथियारों की खेप जब्त की गई थी। उन्होंने बताया कि इस बड़ी साजिश में शामिल पूर्व गृह मंत्री लुत्फोजमां बाबर (BNP सरकार) को 2018 में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 14 जनवरी 2025 को हाई कोर्ट द्वारा उन्हें बरी कर दिया गया, जिससे उग्रवादी तत्वों का हौसला फिर से बढ़ सकता है।

'चाहे मार दें, मैं बांग्लादेश वापस जाऊंगी'
तमाम मुकदमों के बावजूद शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का अपना दृढ़ संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा, "मैं बांग्लादेश के लोगों के पास वापस जाऊंगी, क्योंकि मुझे उन पर भरोसा है।" उन्होंने आगे कहा, "वे मुझे जेल भेज सकते हैं या मार भी सकते हैं... कुछ भी हो सकता है, लेकिन मेरा कर्तव्य देश में सुरक्षा, विकास, समृद्धि और शांति बहाल करना है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अवामी लीग के हजारों नेताओं, कार्यकर्ताओं, अल्पसंख्यकों और पत्रकारों को प्रताड़ित व गिरफ्तार किया जा रहा है और देश का औद्योगिक उत्पादन व बैंक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।


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Content Writer

Pardeep

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