Baba Vanga की 2026 की भविष्यवाणी: Zombie Virus, प्रलय का खतरा, इंसानों को अब लगेंगे ''सिंथेटिक ऑर्गन्स''
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 07:36 PM (IST)
नेशनल डेस्क: इतिहास बदलने वाला है साल 2026 दुनियाभर में 'बाल्कन के नास्त्रेदमस' के नाम से मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा में हैं। साल 2026 शुरू होते ही उनके द्वारा किए गए पुराने दावे डराने और हैरान करने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल कुछ ऐसी घटनाएं घट सकती हैं जो मानव जाति के इतिहास को पूरी तरह बदल देंगी। विशेषकर विज्ञान और जीव विज्ञान के क्षेत्र में ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनकी कल्पना पहले कभी नहीं की गई थी।
कुदरत के अंगों की जगह लेंगे कृत्रिम अंग
बाबा वेंगा की बातों को समझने वाले जानकारों का दावा है कि 2026 चिकित्सा विज्ञान के लिए एक जादुई साल साबित होगा। भविष्यवाणी के संकेत बताते हैं कि अब इंसान को अंग प्रत्यारोपण (Transplant) के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोगशाला में तैयार किए गए यानी 'सिंथेटिक अंग' जैसे दिल, गुर्दा और लीवर इंसानों के काम आने लगेंगे। इसे अमरता की दिशा में उठाया गया पहला कदम माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो भविष्य में इंसान की उम्र काफी बढ़ सकती है।
यूरोप पर मंडरा रहा है बड़ा संकट
विकास की खबरों के बीच बाबा वेंगा ने यूरोप महाद्वीप के लिए एक बहुत ही चिंताजनक चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, इस साल के आसपास यूरोप की जनसंख्या में बहुत बड़ी गिरावट आ सकती है। इसके पीछे की वजह कोई रहस्यमयी बीमारी, आंतरिक कलह या कोई बड़ी आपदा हो सकती है। वर्तमान में यूरोप में चल रहे सामाजिक और राजनीतिक हालातों को देखते हुए लोग इस भविष्यवाणी को सच होते देख डर रहे हैं।
प्रलय जैसा होगा मौसम का मिजाज
पर्यावरण को लेकर भी बाबा वेंगा के शब्द काफी डरावने हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि 2026 में धरती का तापमान बहुत तेजी से बढ़ेगा और मौसम का चक्र पूरी तरह बिगड़ जाएगा। बिना मौसम की भारी बारिश और असहनीय गर्मी से खेती-बाड़ी चौपट हो सकती है। दुनिया के कई हिस्सों में कुदरत का यह रौद्र रूप एक नई सामान्य बात बन जाएगा, जिससे भुखमरी जैसे हालात पैदा होने का अंदेशा है।
हथियारों से नहीं इंटरनेट से मचेगी तबाही
भविष्यवाणी की नई व्याख्याओं में एक और बड़ा खतरा 'डिजिटल तबाही' के रूप में बताया गया है। माना जा रहा है कि 2026 में दुनिया को किसी मिसाइल या बम से नहीं, बल्कि साइबर हमलों और 'डिजिटल वायरस' (Zombie Virus Threat) से सबसे ज्यादा डर होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत के बीच कोई बड़ा नेटवर्क फेलियर या डेटा चोरी पूरी दुनिया को अंधेरे में डाल सकती है। इसे 'ग्लोबल ब्लैकआउट' का नाम दिया जा रहा है, जो किसी भी बड़े युद्ध यानि Nuclear War से ज्यादा घातक साबित होगा।
