महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा: अशोक गहलोत

punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 06:53 PM (IST)

नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल भारतीय लोकतंत्र पर गंभीर धब्बा है। गहलोत ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय जब अन्ना हजारे ने आंदोलन किया था, तब सरकार ने उनसे संवाद का रास्ता अपनाया था और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख स्वयं उनसे बातचीत करने गए थे।

गहलोत ने कहा, ''इसके विपरीत, आज की सरकार का रवैया बिल्कुल अलग है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे किसान आंदोलन का मामला हो, महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का या अपने अधिकारों की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों का, केंद्र सरकार ने हर बार विरोध करने वालों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध नागरिकों का अधिकार होता है, लेकिन इस सरकार के दौर में उसके लिए भी जगह लगातार सिमटती जा रही है।

लोकतंत्र में संवाद होता है, जबकि तानाशाही में बल प्रयोग किया जाता है।'' गहलोत ने कहा, ''आज सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर धब्बा भी है। पूरी दुनिया देख रही है कि महात्मा गांधी के देश भारत में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।'' उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया।


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Content Editor

Sahil Kumar

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