Court-martial: आर्मी अफसर को भ्रष्टाचार के आरोप में 6 साल की जेल और सेना से बर्खास्तगी
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 11:30 PM (IST)

नेशनल डेस्कः भारतीय सेना की सप्लाई यूनिट आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) के एक कर्नल को भ्रष्टाचार के आरोप में 6 साल की कड़ी कैद (Rigorous Imprisonment) और सेना से बर्खास्त (Cashiered) कर दिया गया है। यह फैसला समरी जनरल कोर्ट मार्शल (SGCM) ने सुनाया, जो कि सेना के अनुशासनात्मक मामलों के लिए होता है।
कौन हैं यह अधिकारी?
यह अफसर हैं कर्नल विकास पांडे, जिन्होंने लद्दाख में तैनात 503 ASC बटालियन की कमान संभाली थी। यह बटालियन 3 इन्फैंट्री डिवीजन के अंतर्गत आती है।
कब चला कोर्ट मार्शल?
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कार्यवाही 16 फरवरी को शुरू हुई
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16 अगस्त को देर रात समाप्त हुई
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स्थान: N एरिया, चंडीगढ़
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कोर्ट मार्शल की अध्यक्षता एक ब्रिगेडियर ने की, साथ में तीन कर्नल सदस्य थे।
क्या थे आरोप?
कुल 7 आरोप लगाए गए थे, जिनमें से सभी में उन्हें दोषी पाया गया। आरोपों का सार इस प्रकार है:
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रिजिमेंटल फंड खाते का दुरुपयोग:
उन्होंने YES बैंक, लेह ब्रांच में "Regimental Fund Account" नाम से एक संस्थागत खाता खोला, चलाया और बंद किया। उन्होंने अपनी पोस्ट की सील और बटालियन की मुहर का गलत इस्तेमाल किया। -
63.66 लाख रुपये का गबन:
यह राशि खाते में जमा हुई, जो नियमों के विरुद्ध थी। यह पैसा उन्होंने अपनी पोस्ट का फायदा उठाकर जुटाया। -
लद्दाख में 4 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर लेना:
यह धनराशि बिना वैध स्रोत के प्राप्त की गई। -
जयपुर में फ्लैट की खरीद:
उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर ₹32.60 लाख का फ्लैट खरीदा, जो उनकी घोषित आय से कहीं अधिक था। -
BMW कार की खरीद:
अपनी पत्नी के नाम पर ₹48.48 लाख की लक्ज़री BMW कार खरीदी, जो आय के अनुपात में असंगत पाई गई। -
व 7. 21 लाख रुपये नकद में प्राप्त करना:
दो अलग-अलग मामलों में उन्हें नकद रकम प्राप्त करने का दोषी पाया गया।
कानूनी प्रक्रिया क्या रही?
पहले एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (प्राथमिक जांच) और फिर समरी ऑफ एविडेंस (सबूतों की जांच) की प्रक्रिया पूरी हुई। उसके बाद SGCM का आदेश आया।
कानूनी धाराएं:
एक आरोप आर्मी एक्ट की धारा 52(f) (धोखाधड़ी की मंशा से किया गया कार्य) के तहत था। बाकी 6 आरोप भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत लगाए गए।
अधिकारी की ओर से की गई कानूनी कोशिशें:
कर्नल पांडे ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि सजा सशस्त्र बल ट्राइब्यूनल (AFT) में लंबित याचिका के निपटारे पर निर्भर होगी।
क्या है ‘Cashiering’?
‘Cashiering’ का मतलब है सेना से अपमानजनक तरीके से बर्खास्त करना। इस प्रक्रिया के तहत अधिकारी को उसकी वर्दी, बैज, पदवी और सम्मान के साथ सेवा से निकाला जाता है।