बाढ़ का तांडव: 11 जिलों के 19 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, पटना में गंगा का जलस्तर पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर
punjabkesari.in Sunday, Sep 06, 2026 - 03:22 PM (IST)
पटना : बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 'बाढ़ के सर्वोच्च बिंदु' (एचएफएल) से ऊपर चला गया है इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है।
इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया अधिकारियों और ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।
इसमें कहा गया, अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें।
डब्ल्यूआरडी के मुताबिक पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।
