Heatwave Alert: 2026 में भयंकर गर्मी दस्तक देने को तैयार, AL-Nina को लेकर बड़ा अपडेट, अगले तीन साल गर्मियों के सारे रिकॉर्ड टूटेंगे
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 11:22 AM (IST)
नेशनल डेस्क: अभी फरवरी का महीना आधा भी नहीं बीता है और धूप की तपिश ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में पारा अभी से 26 डिग्री के पार जा चुका है। लेकिन यह तो महज एक झांकी है; मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो असली चुनौती अभी बाकी है। प्रशांत महासागर में पनप रही 'अल नीनो' की स्थिति भारत समेत पूरी दुनिया को अगले तीन साल तक यानी 2028 तक पसीने छुड़ाने वाली गर्मी की आग में झोंक सकती है।
The presumed upcoming El Nino will help cement and quantify global warming acceleration, showing that 2ºC global warming is likely to be reached in the 2030s, not at midcentury.
— James Edward Hansen (@DrJamesEHansen) February 6, 2026
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क्यों टूटेंगे गर्मी के रिकॉर्ड?
मौसम विभाग की नई रिपोर्ट संकेत दे रही है कि साल 2026 इतिहास के सबसे गर्म सालों की सूची में शामिल हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रशांत महासागर में 'ला नीना' का कमजोर होना और 'अल नीनो' का सक्रिय होना। जब अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, तो वैश्विक तापमान में उछाल आता है और बारिश का सामान्य चक्र गड़बड़ा जाता है। ऊपर से बढ़ता हुआ कार्बन उत्सर्जन इस आग में घी डालने का काम कर रहा है। अनुमान है कि 2027 में यह गर्मी अपने चरम पर होगी, जिससे न केवल लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ेगा बल्कि जंगलों में आग लगने जैसी घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
El Niño will develop within a few months according to new ECMWF guidance.
— Ben Noll (@BenNollWeather) February 6, 2026
There's a high chance (75% of ensemble members) it will reach moderate strength this summer — which should suppress hurricane activity.
Places that typically see big impacts from El Niño should prepare! pic.twitter.com/Oc3XaLylbl
उत्तर भारत में लू का तांडव और बारिश की कमी
इस साल मौसम का गणित थोड़ा पेचीदा रहने वाला है। मार्च और अप्रैल के दौरान दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक के साथ होने वाली फुहारें गर्मी से कुछ राहत दिला सकती हैं। लेकिन असली मार उत्तर और पश्चिम भारत पर पड़ेगी। मई से जून के बीच इन इलाकों में झुलसा देने वाली लू चलने की आशंका है और इस दौरान बारिश की उम्मीद भी काफी कम है। अल नीनो के कारण मानसून पर भी काले बादल मंडरा रहे हैं, जिससे खेती और जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
El Niño is coming. Over the past few months, substantial warmth has built up in the West Pacific as the La Niña and -IOD mature — this warmth is beginning to migrate eastward in the form of a downwelling kelvin wave. When this feature surfaces, the La Niña is likely to terminate. pic.twitter.com/QC2EbCiN5u
— Deelan Jariwala (@WxTca) January 7, 2026
ओडिशा से मिलेगी शुरुआत, पर अलग होगा अंदाज
आमतौर पर भारत में गर्मी की पहली दस्तक ओडिशा से होती है, जहां फरवरी में ही पारा चढ़ने लगता था। हालांकि, इस साल स्थिति थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओडिशा में गर्मी इस बार स्थानीय कारणों जैसे बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण की वजह से अधिक महसूस होगी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, भले ही यह गर्मी 2024 जितनी भयानक न हो, लेकिन अल नीनो का असर जून-जुलाई तक बना रहेगा, जिससे मानसूनी बारिश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, आने वाले कुछ साल हमें कुदरत के बदलते और गर्म होते मिजाज के बीच गुजारने होंगे।
