‘भगवान ने BJP के घमंड का बुखार उतार दिया’, बांकीपुर नतीजे पर अखिलेश यादव का X पोस्ट
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 07:32 PM (IST)
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्हें कुल 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 44,827 और राजद की रेखा गुप्ता को 14,273 वोट प्राप्त हुए। प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि बांकीपुर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। 31 साल बाद पार्टी को यहां हार का सामना करना पड़ा है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट न जीतने वाली जन सुराज पार्टी ने पहली बार जीत दर्ज की।
अखिलेश यादव का निशाना
प्रशांत किशोर की जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुखार भी।”
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 3, 2026
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
-…
विवाद की पृष्ठभूमि
अखिलेश यादव का यह बयान लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड शो के दौरान हुई घटना से जुड़ा है। उस दौरान बजरंगबली की वेशभूषा में एक कलाकार ने भाजपा का झंडा लेकर डांस किया था। इस पर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भगवान हनुमान का वेश धारण किए व्यक्ति को उनके आगे नचाया गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
बिहार की राजनीति पर असर
प्रशांत किशोर की इस जीत के साथ जन सुराज ने बिहार की सियासत में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। भाजपा के पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्र में हार ने पार्टी के सामने नए सवाल खड़े किए हैं। राजद तीसरे स्थान पर रही। बांकीपुर के नतीजे ने बिहार में तीसरे विकल्प को लेकर चर्चा तेज कर दी है। इस जीत का असर आने वाले चुनावों की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
