अफगान विदेश मंत्री ने भारत से मांगी आपात मदद, कहा-तालिबान जुल्म के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय उठाए कदम

2021-08-05T12:52:58.117

 इंटरनेशनल डेस्कः तालिबान हिंसा के कारण बेहद बुरे दौर से गुजर रहे देश अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अत्मार ने भारत से मदद मांगी है।   विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन कर देश के हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने का अनुरोध किया है । दरअसल भारत इस महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है यानि ऐसी किसी भी तरह की बैठक बुलाने में भारत की भूमिका अहम है।
 अफगान विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अत्मार ने एस जयशंकर से बात करने के बाद मंगलवार रात ट्वीट कर बताया, ''भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन कर बात की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की।

 

उन्होंने कहा कि UNSC में अध्यक्ष के रूप में हम भारत की प्रशंसा करते हैं और संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तालिबान की हिंसा और जुल्म के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की जरूरत है।'' अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''मंगलवार शाम अफगान विदेश मंत्री और भारतीय विदेश मंत्री के बीच तालिबान की बढ़ती हिंसा, मानवाधिकारों के उल्लंघन के साथ अफगानिस्तान में विदेशी आतंकवादी समूह के ऑपरेशन पर बात हुई। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगान विदेश मंत्री अत्मार ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से कहा कि तालिबान की बढ़ती क्रूरता से कई आम लोगों की जान जा रही है। 

 

बातचीत के दौरान अफगान विदेश मंत्री ने तालिबान और विदेशी आतंकवादी गिरोहों के गठजोड़ का मुद्दा भी उठाया। अत्मार ने कहा कि तालिबान अंतर्राष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। अफगान विदेश मंत्री ने कहा कि तालिबान हिंसा और उसे मिल रही विदेशी मदद से अफगानिस्तान की शांति और स्थिरता खतरे में है और इसके बहुत बुरे परिणाम होंगे। अफगान विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारतीय विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जताई। अफगान विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि जयशंकर ने यूएन की आपातकालीन बैठक बुलाने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं और इसके लिए बाकी सदस्यों से बात करेंगे। दोनों विदेश मंत्रियों के बीच कतर के दोहा में अफगान शांति वार्ता के आयोजन पर भी बात हुई।

 

गौरतलब है कि भारत अफगानिस्तान में अशरफ गनी की सरकार के साथ है लेकिन तालिबान को नजरअंदाज करना भी भारत के लिए मुश्किल है। पिछले हफ्ते मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जब भारत के पहुंचे थे तो तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल चीन के दौरे पर था। तालिबान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुल्लाह अब्दुल गनी बरादर कर रहे थे।  चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिअन ने कहा कि तालिबान नेताओं ने चीन को आश्वस्त किया है कि अफगानिस्तान की जमीन से किसी भी तरह की चीन विरोधी गतिविधि नहीं होने देंगे।

 


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Content Writer

Tanuja

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