पुलिसकर्मी और पत्रकार पर लगा गैंगरेप का आरोप, 2 घंटे लगातार गाड़ी में किया... सच्चाई जान कांप उठेगी रूह
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 05:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क: शहर में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने कानून के रखवालों और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक 14 साल की मासूम का आरोप है कि उसे स्कॉर्पियो में अगवा किया गया और फिर जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। इस मामले की आंच अब महकमे के बड़े अफसरों तक पहुंच गई है।
आधी रात का 'ऑपरेशन' और फरार दरोगा
सचेंडी थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सोमवार को उसे जबरन उठाकर एक सुनसान जगह ले जाया गया। पीड़िता का दावा है कि उसके साथ गैंगरेप करने वालों में एक पुलिस का दरोगा और दूसरा पत्रकार शामिल था। वारदात के बाद उसे घर के बाहर फेंक कर आरोपी फरार हो गए।
मंगलवार को FIR दर्ज होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बुधवार को आरोपी पत्रकार शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन मुख्य आरोपी दरोगा अमित मौर्या अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसे पकड़ने के लिए चार टीमें छापेमारी कर रही हैं।
गाज गिरी तो नपे इंस्पेक्टर और DCP
मामले में संवेदनशीलता और लापरवाही को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है:
- इंस्पेक्टर विक्रम सिंह सस्पेंड: ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित।
- DCP वेस्ट पर कार्रवाई: दिनेश चंद्र त्रिपाठी को पद से हटाकर DCP हेड क्वार्टर से अटैच कर दिया गया है।
आरोपी पत्रकार का दावा: "साजिश या सच?"
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पत्रकार शिवबरन ने खुद को बेगुनाह बताते हुए एक अलग ही कहानी पेश की है। उसका कहना है कि "मैंने उस लड़की को कभी देखा तक नहीं। मुझे दरोगा अमित मौर्या ने फोन कर लोहा चोरी के मामले में RPF इंस्पेक्टर से मिलने बुलाया था। मैं वहां बाइक से पहुँचा था। तभी कुछ लोग अपनी बहन को ढूंढते हुए आए और भीड़ का हिस्सा होने के कारण मेरा नाम भी लिखवा दिया। मेरा मेडिकल करा लो, मैं निर्दोष हूँ।"
सवाल जो अब भी बरकरार हैं
- क्या दरोगा अमित मौर्या की गिरफ्तारी के बाद कोई नया राज खुलेगा?
- क्या यह वाकई एक सोची-समझी साजिश थी या रक्षक ही भक्षक बन गए?
- आखिर वह सफेद स्कॉर्पियो किसकी थी, जिसमें अपहरण की बात कही जा रही है?
कानपुर पुलिस अब दरोगा की तलाश और साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। शहर की नजरें अब फरार अमित मौर्या पर टिकी हैं, जिसके पकड़े जाने के बाद ही इस 'खौफनाक सच' से पर्दा पूरी तरह उठ पाएगा।
