कमरे में खोदा गड्ढा...फिर तांत्रिक के चक्कर में मासूम बच्चे की बलि देने जा रहे थे माता-पिता, जानें कैसे बची जान?

punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 05:38 PM (IST)

नेशनल डेस्क: बेंगलुरु के ग्रामीण इलाके होसाकोटे तालुक के सुलिबेले में एक भयावह घटना सामने आई है, जिसमें माता-पिता अपने नवजात बच्चे को धन लाभ के लिए बलि देने की तैयारी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, बच्चे की बलि देने के लिए घर के एक कमरे में गड्ढा खोदा गया था। इस मामले की सूचना मिलने पर बाल संरक्षण इकाई (Child Protection Unit) के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।

जानकारी कैसे मिली
हेल्पलाइन पर पूर्णिमा के दिन एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें बताया गया कि बच्चे की बलि दी जाने वाली है। इस सूचना के बाद अधिकारियों ने तुरंत छापा मारा और देखा कि कमरे में नवजात शिशु की बलि देने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। मौके पर 8 महीने के बच्चे को बचाया गया और उसे तुरंत शिशु केंद्र भेज दिया गया।


बच्चे को गोद लेने का दावा
पुलिस और बाल संरक्षण समिति के अनुसार, सैयद इमरान और उनकी पत्नी ने आठ महीने पहले एक प्रवासी मजदूर से नवजात बच्चे को गोद लिया था। इसके बाद उन्होंने बच्चे के लिए अपने नाम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। छापेमारी के दौरान दंपति ने अधिकारियों को एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने बच्चे को गोद लेने की बात और समझौते पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी।


बाल संरक्षण इकाई की कार्रवाई
हालांकि, बच्चे का कानूनी गोद लेना पूरी तरह से नहीं हुआ था। इसलिए अधिकारियों ने बच्चे को हिरासत में ले लिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस सुलिबेले स्टेशन क्षेत्र में इस घटना की जांच कर रही है। बाल संरक्षण एवं कल्याण समिति भी दंपति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।


मामला गंभीर और चिंताजनक
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि कभी-कभी माता-पिता भी ऐसे अत्यंत घातक कदम उठा लेते हैं, जो बच्चों की जान को खतरे में डालते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बाल हेल्पलाइन या पुलिस को दें, ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके। इस मामले में बचाए गए बच्चे को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है और दंपति के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


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Content Editor

Mansa Devi

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