राज्यसभा चुनाव में बड़ा मोड़, विजय के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय

punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 08:31 PM (IST)

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली सत्तारुढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के समर्थन से आल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती का राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना जाना तय है। तमिलनाडु विधानसभा से 18 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए एकमात्र राज्यसभा सीट के वास्ते नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार अपराह्न तीन बजे खत्म हो गयी। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) नेता सी. वी. षणमुगम के राज्य विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद इस्तीफा देने से यह राज्यसभा सीट खाली हुई है। कल नामांकन की जांच के बाद 11 जून नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है।

प्रवीण को कांग्रेस ने बनाया उम्मीदवार
चक्रवर्ती को निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा, क्योंकि वे मैदान में अकेले आधिकारिक उम्मीदवार हैं। टीवीके से सीट मिलने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी ) ने चार जून की देर रात प्रवीण को उम्मीदवार के तौर पर नामित किया। इसके बाद अगले दिन उन्होंने पीठासीन अधिकारी पी. थेनमोझी के सामने अपने कागजात दाखिल किये। थेनमोझी विधानसभा सचिवालय की अतिरिक्त सचिव भी हैं। राज्य की 234 सदस्यों वाली विधानसभा (मौजूदा संख्या 229) में टीवीके और उसके गठबंधन तथा सहयोगी दलों की ताकत को देखते हुए प्रवीण आसानी से जीत जाएंगे और उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। 

अन्नाद्रमुक के पास नहीं थे प्रर्याप्त संख्या 
दो बड़ी द्रविड़ पाटिर्यों द्रमुक और अन्नाद्रमुक मैदान में नहीं उतरीं क्योंकि वे पर्याप्त संख्या नहीं जुटा सकीं। हालांकि छह अन्य लोगों डॉ. के. पद्मराजन, अग्नि आल्वर, पी. जयकुमार, तमिलसेल्वन सेल्वमनी, आर. कंदसामी और के. रंजनबाबू उफर् के. एम. विनायकम् ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है, लेकिन जांच के दौरान उनके कागजात खारिज कर दिए जाएंगे। नियम के मुताबिक, हर नामांकन का प्रस्ताव और समर्थन दस-दस विधायकों द्वारा किया जाना चाहिए। इस तरह श्री प्रवीण मैदान में अकेले उम्मीदवार रह जाएंगे, जिससे बिना किसी मुकाबले के उनकी जीत का रास्ता साफ हो जाएगा। 

एकमात्र राज्यसभा सीट कांग्रेस को दी 
प्रवीण ने कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर विधानसभा चुनावों से पहले  विजय की पार्टी के साथ गठबंधन की कोशिशें शुरू की थीं और चुनाव के बाद हुए नए गठजोड़ में कांग्रेस के उनके साथ जुड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। टीवीके ने राष्ट्रीय पार्टी के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने और द्रमुक से अलग होने के बाद विधानसभा में बहुमत साबित करने में विजय की मदद करने वाली पहली पार्टी होने के नाते, अपनी एकमात्र राज्यसभा सीट अपने मुख्य सहयोगी कांग्रेस को देने का फैसला किया। यह फैसला कांग्रेस के तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडंकर और वरिष्ठ नेताओं की 

टीवीके के पास एकमात्र सीट का प्रर्याप्त सख्या 
विजय से राज्य सचिवालय में मुलाकात और औपचारिक अनुरोध के ठीक एक घंटे बाद लिया गया। इसके साथ ही, कांग्रेस ने कम समय में दो राज्यसभा सीटें हासिल कर ली हैं। इससे पहले विधानसभा चुनावों के लिए सीट-शेयरिंग समझौते के दौरान उसे अपने पूर्व सहयोगी द्रमुक से एक सीट मिली थी, और अब संसद के उच्च सदन में तमिलनाडु से उसकी ताकत तीन सीटों तक पहुंचने वाली है। द्रमुक से अलग होकर टीवीके के साथ गठबंधन करने, अपने पांच विधायकों का समर्थन देने और बाद में कैबिनेट में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने एकमात्र राज्यसभा सीट हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई थी। सत्तारुढ़ टीवीके के पास एकमात्र सीट निर्विरोध जीतने के लिए पर्याप्त ताकत है।


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Content Writer

Ramkesh

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