भारत की अर्थव्यवस्था पर मंडराया बड़ा खतरा, तेल की कीमतों में उछाल का खतरा…
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 06:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। देश के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी. अनंत नागेश्वरन ने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े संभावित युद्ध जैसे हालात भारत के प्रमुख आर्थिक संकेतकों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में देश की आर्थिक वृद्धि, महंगाई और वित्तीय संतुलन पर दबाव बढ़ सकता है।
ग्रोथ और महंगाई पर पड़ सकता है असर
सीईए के अनुसार, मौजूदा वैश्विक हालात भारत की ग्रोथ रेट को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से महंगाई बढ़ने का खतरा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। इससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
वित्त मंत्रालय ने भी जताई चिंता
वित्त मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट में भी आर्थिक अनिश्चितता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में संभावित बाधाएं भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इन कारकों का संयुक्त प्रभाव आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह संकट?
भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा आयातक देशों में शामिल है और पश्चिम एशिया के देशों के साथ उसका व्यापारिक और निवेश संबंध काफी मजबूत है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों से आने वाला रेमिटेंस भी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने पर भारत पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
सरकार की रणनीति क्या है?
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और घरेलू मांग इस झटके को कुछ हद तक संभाल सकती है। सरकार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने, महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
तेल की कीमतें बनीं सबसे बड़ी चुनौती
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। यदि तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो इसका असर परिवहन, उद्योग और आम उपभोक्ता की दैनिक जरूरतों पर साफ तौर पर दिखाई देगा।
