सावधान! बिना काम किए भी दुख रहा है बदन? तो इन लक्षणों को न करें इग्नोर, जानें पीछे का कारण?
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 10:54 AM (IST)
Body Pain : क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि रात भर बिस्तर पर आराम करने के बाद जब आप सुबह उठते हैं तो शरीर तरोताजा महसूस करने के बजाय थका हुआ और दर्द से भरा होता है? कंधों में खिंचाव, पीठ में जकड़न और पैरों में भारीपन आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह दर्द उन लोगों को भी हो रहा है जो कोई भारी शारीरिक काम नहीं करते।
शरीर के अंदर की सूजन है असली वजह
डॉक्टरों के अनुसार हर दर्द मांसपेशियों की चोट से नहीं जुड़ा होता। हमारी खराब जीवनशैली शरीर के अंदर क्रोनिक इंफ्लेमेशन (हल्की सूजन) पैदा कर देती है। घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और असंतुलित खानपान शरीर के टिश्यूज में सूजन बढ़ा देता है जो सुबह सोकर उठने पर जकड़न के रूप में सामने आता है।
तनाव: मांसपेशियों का साइलेंट दुश्मन
विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक पाटिल बताते हैं कि मानसिक तनाव केवल दिमाग को नहीं शरीर को भी थकाता है। जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है। लगातार तनाव की वजह से हमारी मांसपेशियां और नसें फाइट मोड में रहती हैं जिससे वे रिलैक्स नहीं हो पातीं। यही कारण है कि बिना मेहनत किए भी गर्दन और कंधों में पत्थर जैसी जकड़न महसूस होती है।
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नींद की कमी: अधूरी रह जाती है बॉडी रिपेयरिंग
नींद केवल आंखों को आराम देने के लिए नहीं है बल्कि यह शरीर का सर्विसिंग टाइम है। गहरी नींद के दौरान ही शरीर अपनी खराब कोशिकाओं की मरम्मत करता है और एनर्जी स्टोर करता है। यदि आपकी नींद बार-बार टूटती है या आप पर्याप्त नहीं सोते तो मांसपेशियों को आराम मिलने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है जिससे सुबह बदन टूटता है।
खानपान: दर्द बढ़ाने वाले फूड विलेन्स
आप क्या खाते हैं इसका सीधा असर आपके दर्द पर पड़ता है। ज्यादा चीनी (Refined Sugar), प्रोसेस्ड फूड और अनहेल्दी फैट्स शरीर में सूजन को बढ़ावा देते हैं। ताजे फल, सब्जियां, सूखे मेवे और ओमेगा-3 से भरपूर चीजें (जैसे अलसी या मछली) सूजन को कम कर मांसपेशियों को लचीला बनाती हैं।
कैसे पाएं इस दर्द से छुटकारा?
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हल्की स्ट्रेचिंग: सुबह उठते ही और सोने से पहले 5 मिनट शरीर को स्ट्रेच करें।
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हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पिएं ताकि मांसपेशियों में ऐंठन न हो।
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नींद का अनुशासन: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी और शांत नींद लें।
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एक्टिव रहें: हर एक घंटे के काम के बाद 5 मिनट का वॉक करें।


