असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, 3 महीने में इन 5 दिग्गज नेताओं ने छोड़ी पार्टी

punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 11:51 AM (IST)

नेशनल डेस्क: असम में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच कांग्रेस पार्टी को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। पिछले 3 महीनों के भीतर पार्टी के 5 कद्दावर नेताओं ने इस्तीफा देकर कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को संकट में डाल दिया है। इस सिलसिले में सबसे ताजा और बड़ा नाम नागांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का है, जिन्होंने मंगलवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

प्रद्युत बोरदोलोई ने भी दिया इस्तीफा

पूर्व मंत्री और दो बार के सांसद बोरदोलोई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे पत्र में अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने लिखा "मैंने हमेशा राज्य के हित को सर्वोपरि रखा है। यदि मुझे काम करने में घुटन महसूस होगी, तो मैं उस बाधा को हटाकर नया रास्ता तलाशूँगा।"

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ये नेता हुए अलग

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है:

  1. प्रद्युत बोरदोलोई (सांसद): असमिया अस्मिता और काम करने की आजादी का हवाला देकर इस्तीफा दिया।

  2. भूपेन कुमार बोराह (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष): तीन दशकों का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हुए। उन्होंने संगठनात्मक फैसलों पर असंतोष जताया।

  3. रतुल कलिता (वरिष्ठ नेता): नेतृत्व पर 'परिवारवाद' का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस में सिर्फ राजनीतिक वारिसों को तवज्जो मिलती है।

  4. अबुल मिया (पूर्व महासचिव): धुबरी जिले के कद्दावर नेता, अब 'रायजोर दल' के साथ नई पारी शुरू की।

  5. रेजाउल करीम सरकार: अल्पसंख्यक छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, जो महज कुछ दिन कांग्रेस में रहकर अलग हो गए।

क्या विधानसभा चुनाव में भारी पड़ेगा ये पलायन?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गौरव गोगोई के नेतृत्व और टिकट वितरण की रणनीति को लेकर पार्टी के भीतर गहरा असंतोष है। विशेषकर भूपेन बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई जैसे चेहरों का जाना कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकता है। जहाँ एक ओर बीजेपी अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं कांग्रेस अपने ही घर को बचाने के संघर्ष में जुटी है।

 


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News Editor

Radhika

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