हैदराबाद में हुआ बड़ा पर्दाफाश, 36 टन मिलावटी घी और कच्चा माल हुआ जब्त
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 05:16 PM (IST)
हैदराबाद: मिलावटी घी बनाने और उसका व्यापार करने वालों के ठिकानों पर यहां की गई एक बड़ी कार्रवाई में कुल 36 टन मिलावटी घी, कच्चा माल और रासायनिक सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विश्वसनीय जानकारी और लोगों से मिली सूचना के आधार पर, 'हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम' ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर एक विशेष अभियान चलाया। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने संवाददाताओं को बताया कि एक साथ 130 जगहों पर छापे मारे गए, जिनमें घी बनाने वाली 39 इकाइयां और घी बेचने वाले 91 प्रतिष्ठान शामिल थे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, बड़े पैमाने पर हो रहे ऐसे कारोबार का पता चला, जहां कृत्रिम घी बनाने के लिए नकली और घटिया सामग्री के साथ-साथ खतरनाक और बिना मंजूरी वाले रसायन जानबूझकर मिलाए जा रहे थे। इस अभियान के दौरान, प्रवर्तन दलों ने कुल 36 टन मिलावटी घी, क्रीम (कच्चा माल), पाम ऑयल, वनस्पति, कृत्रिम घी फ्लेवर, स्टार्च और रासायनिक सामग्री जब्त की। खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों ने प्रयोगशाला में जांच के लिए मौके पर ही जरूरी नमूने एकत्र किए।
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VIDEO | Telangana: Hyderabad Food Adulteration Surveillance Team seizes 25.5 tonnes of adulterated ghee and 10.5 tonnes of raw materials.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 18, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/AU6lHVTZmH
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सज्जनार ने कहा, ''इस मिलावटी मिश्रण की पैकेजिंग और ब्रांडिंग धोखे से की गई थी और इसे 'शुद्ध देसी घी' बताकर उन ग्राहकों को बेचा गया जिन्हें इसकी असलियत का पता नहीं था, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा पैदा हुआ।'' पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांच से पता चला है कि कुछ निर्माता असली घी जैसा स्वाद, खुशबू और रूप देने के लिए उसमें पाम ऑयल, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च और कृत्रिम स्वाद जैसी गैर-डेयरी सामग्री मिलाते थे। कुछ उत्पादों में डेयरी का कोई भी अंश नहीं था। पुलिस उपायुक्त (कार्यबल) गायकवाड़ वैभव रघुनाथ ने बताया कि मिलावटी उत्पादों को पारदर्शी पैकेट में पैक किया गया था और उन्हें ''100 प्रतिशत शुद्ध घी, प्रीमियम घी, फार्म फ्रेश घी और नेचुरल घी'' जैसे नामों से गलत तरीके से बेचा जा रहा था।
मिलावटी घी, जिसमें मिलावट का स्तर लगभग 10-40 प्रतिशत तक था, उसे मिलावट की मात्रा के आधार पर अलग-अलग ग्राहकों को भेजा जाता था। इनमें पूजा का घी, रेस्तरां और टिफिन सेंटर, मिठाई बनाने वाली इकाइयां और आयुर्वेदिक दुकानें शामिल थीं। घी बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली दूध की मलाई महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु के आपूर्तिकर्ताओं से ली गई थी। पुलिस ने बताया कि मिलावटी घी को सस्ती और अन्य चीजों का इस्तेमाल करके बहुत कम लागत में बनाया गया था और बाद में इसे बाजार में असली घी बताकर अधिक कीमत पर बेचा गया, जिससे भारी गैर-कानूनी मुनाफा कमाया गया। पुलिस ने बताया कि मिलावटी घी की तेलंगाना और पड़ोसी राज्यों में आपूर्ति की गई थी, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा पैदा हो गया। पुलिस मामले दर्ज करने की प्रक्रिया में है।
