20 लाख छात्रों की प्राइवेसी खतरे में, CBSE की OSM प्रक्रिया पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल
punjabkesari.in Sunday, May 31, 2026 - 01:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ट नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली की घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, आज मंत्री प्रधान के मंत्रालय ऑफ स्कैंडल्स से जुड़े घटनाक्रम में यह सामने आया है कि CBSE कक्षा 12 के 20 लाख छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थीं।
आज मंत्री प्रधान के मंत्रालय ऑफ स्कैंडल्स से जुड़े घटनाक्रम में यह सामने आया है कि CBSE कक्षा 12 के 20 लाख छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थीं।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) May 31, 2026
यह बेहद बड़े पैमाने पर हुआ डेटा लीक है, जिसने 20 लाख छात्रों की प्राइवेसी को खतरे में डाल दिया है। COEMPT की… https://t.co/pCArYx4ipF
यह बेहद बड़े पैमाने पर हुआ डेटा लीक है, जिसने 20 लाख छात्रों की प्राइवेसी को खतरे में डाल दिया है। COEMPT की अक्षमता और असंवेदनशीलता एक बार फिर एक्सपोज़्ड हो गई है। यही वह कंपनी है, जिसे CBSE ने RFP की तकनीकी शर्तों में फेरबदल करने के बाद कॉन्ट्रैक्ट दिया था -ऐसा फेरबदल, जिससे संभवतः COEMPT को फायदा पहुंचा।
सामने आई उत्तर पुस्तिकाओं में कागज के मुड़ने के निशान और परछाईं जैसे निशान भी दिखाई दे रहे हैं -जो आमतौर पर स्कैनिंग मशीनों के बजाय मोबाइल फोन से किए गए स्कैन से जुड़े होते हैं। हम जानते हैं कि तीसरे RFP में रोबोटिक स्कैनर की शर्त हटा दी गई थी। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर COEMPT ने किस तरह के स्कैनर्स का इस्तेमाल किया? स्कैन की गुणवत्ता इतनी खराब क्यों है?
