मृत पिता के नंबर पर 4 साल तक भेजती रही मैसेज; फिर आया ऐसा जवाब, छलक पड़े दुनिया के आंसू

punjabkesari.in Sunday, Jun 07, 2026 - 02:34 PM (IST)

International Desk: कुछ रिश्ते मौत से खत्म नहीं होते। वे यादों, भावनाओं और दिल की धड़कनों में जिंदा रहते हैं। ऐसी ही एक भावुक कहानी है चेस्टिटी नाम की युवती की, जिसने अपने पिता को खोने के बाद भी उनसे बातचीत करना बंद नहीं किया।पिता की मौत के बाद वह उनके पुराने मोबाइल नंबर पर लगातार मैसेज भेजती रहीं। उन्हें पता था कि सामने से कोई जवाब नहीं आएगा, लेकिन उन संदेशों में उन्हें अपने पिता का साथ महसूस होता था।

 

हर खुशी, हर दर्द पिता से साझा करती थी
दिन बीतते गए, महीने गुजर गए और फिर साल भी निकल गए। लेकिन चेस्टिटी ने मैसेज भेजना नहीं छोड़ा। जब उन्हें कोई सफलता मिलती, वह पिता को बतातीं। जब कोई परेशानी आती, तब भी उसी नंबर पर अपना दर्द लिख देतीं। उनके लिए वह नंबर सिर्फ एक मोबाइल नंबर नहीं था, बल्कि पिता की यादों का आखिरी सहारा था।

 

चौथी बरसी पर लिखा सबसे भावुक संदेश
साल 2019 में पिता की चौथी पुण्यतिथि पर चेस्टिटी ने एक लंबा संदेश लिखा। उन्होंने बताया कि इन चार वर्षों में उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दी, कॉलेज की पढ़ाई पूरी की, जीवन की कई कठिनाइयों का सामना किया और आगे बढ़ती रहीं। संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने पिता की बहुत याद आती है और काश वे आज उनकी उपलब्धियां देख पाते। हर बार की तरह इस बार भी उन्हें किसी जवाब की उम्मीद नहीं थी। 

 

इस बार फोन पर आया रिप्लाई
मैसेज भेजने के कुछ समय बाद अचानक उनके फोन पर जवाब आया। चार साल में पहली बार उस नंबर से किसी ने उत्तर दिया था। चेस्टिटी हैरान रह गईं। जवाब भेजने वाले व्यक्ति का नाम ब्रैड था। ब्रैड ने बताया कि अब यह नंबर उसके पास है और वह पिछले कई वर्षों से चेस्टिटी के सभी संदेश पढ़ रहा था।उसने लिखा-"मैं तुम्हारे मैसेज का इंतजार करता था। मैंने कभी जवाब नहीं दिया क्योंकि मैं तुम्हारे और तुम्हारे पिता के बीच बने इस खूबसूरत रिश्ते को तोड़ना नहीं चाहता था।"

 

एक और पिता का दर्द छिपा था उस जवाब में
ब्रैड ने आगे बताया कि उसने भी अपनी बेटी को एक सड़क दुर्घटना में खो दिया था। बेटी के जाने के बाद वह गहरे दुख में था। ऐसे समय में चेस्टिटी के संदेश उसके लिए भी उम्मीद की किरण बन गए। उसे लगता था कि जीवन कितना भी कठिन क्यों न हो, इंसान फिर भी आगे बढ़ सकता है। ब्रैड ने चेस्टिटी की हिम्मत, संघर्ष और सकारात्मक सोच की तारीफ की।उसने लिखा कि उनके संदेशों ने उसे भी जीने की ताकत दी। जिस तरह चेस्टिटी अपने पिता से जुड़ी रहीं, उसी तरह उनके शब्द किसी और टूटे हुए दिल के लिए सहारा बन गए।

 

सोशल मीडिया पर भावुक हो गए लोग
जब यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा की गई तो लाखों लोगों की आंखें नम हो गईं। कई लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक मैसेज की कहानी नहीं, बल्कि प्यार, यादों और इंसानी संवेदनाओं की ताकत की कहानी है। यह घटना आज भी लोगों को याद दिलाती है कि कभी-कभी एक साधारण संदेश भी किसी की जिंदगी में उम्मीद, रोशनी और जीने का नया कारण बन सकता है।
   


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Content Writer

Tanuja

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