अमेरिका नहीं होता तो NATO बेकार था... ट्रंप के बयान ने फिर छेड़ दी वैश्विक बहस

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 09:13 PM (IST)

नेशनल डेस्क: NATO और वैश्विक सुरक्षा को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप (DJT) ने एक बार फिर बड़ा और विवादित दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि उनके सत्ता में आने से पहले NATO के अधिकांश देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे और केवल 2 प्रतिशत GDP ही रक्षा पर खर्च कर रहे थे। उस वक्त अमेरिका “बेवकूफी से” बाकी देशों का बोझ उठा रहा था।

ट्रंप का कहना है कि उन्होंने सम्मान के साथ NATO देशों पर दबाव बनाया और उन्हें 5 प्रतिशत GDP तक रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए राजी किया। उनके मुताबिक, यह काम असंभव बताया जा रहा था, लेकिन यह मुमकिन हुआ क्योंकि NATO के कई नेता उनके दोस्त थे और उन्होंने तुरंत भुगतान करना शुरू कर दिया।

यूक्रेन युद्ध और रूस पर बड़ा दावा

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वे बीच में नहीं आते, तो आज रूस पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता। उन्होंने दावा किया कि अपने दम पर उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए और लाखों लोगों की जान बचाई। इसी संदर्भ में उन्होंने नॉर्वे पर भी निशाना साधा और कहा कि NATO का सदस्य होने के बावजूद नॉर्वे ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया, हालांकि उनके मुताबिक इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

NATO की भूमिका पर सवाल

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के बिना रूस और चीन को NATO से कोई डर नहीं है। उन्होंने संदेह जताया कि अगर भविष्य में अमेरिका को NATO की सच में जरूरत पड़ी, तो क्या NATO अमेरिका के लिए खड़ा होगा। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा NATO के लिए मौजूद रहेगा, चाहे NATO अमेरिका के लिए हो या नहीं।

अमेरिकी सेना और ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’

राष्ट्रपति ने दावा किया कि अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने अमेरिकी सेना का पुनर्निर्माण किया और उसे पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया। उनके अनुसार, चीन और रूस केवल एक ही देश से डरते और उसका सम्मान करते हैं, और वह है डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा फिर से बनाया गया अमेरिका।

अपने बयान के अंत में ट्रंप ने एक बार फिर अपना नारा दोहराया- “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन!”


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Parveen Kumar

Related News