बांग्लादेश में एक और हिंदू की बेरहमी से हत्या, अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से किया हमला, अस्पताल पहुंचते ही...

punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 03:51 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला नरसिंहदी जिले से सामने आया है, जहां अज्ञात हमलावरों ने एक हिंदू किराना दुकानदार की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, रास्ते में किया हमला

मृतक की पहचान 40 वर्षीय मोनी चक्रवर्ती के रूप में हुई है, जो शिबपुर उपजिला के साधुचार यूनियन के निवासी थे। वे लंबे समय से पलाश उपजिला के चर्सिंदुर बाजार में किराने की दुकान चलाते थे। रात करीब 11 बजे मोनी चक्रवर्ती अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें पलाश उपजिला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है।

पुलिस जांच में जुटी, अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं

पलाश थाने के अधिकारी-इन-चार्ज शाहिद अल मामून ने हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्या के पीछे की वजह भी फिलहाल साफ नहीं हो पाई है।

उसी दिन एक और हिंदू कारोबारी की हत्या

यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब उसी दिन बांग्लादेश के जेसोर जिले में एक और हिंदू कारोबारी और पत्रकार की हत्या कर दी गई। ‘बीडी खबर’ अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी (38 वर्ष), जो एक आइस फैक्ट्री के मालिक भी थे, को हमलावरों ने फैक्ट्री से बाहर बुलाकर सिर में गोलियां मारीं और बाद में गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।

बीते 25 दिनों में कई हिंदू बने निशाना

दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच बीते करीब 25 दिनों में हिंदू युवकों, व्यापारियों और आम नागरिकों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। इनमें कई मामलों में हत्या की गई, जबकि कुछ में गंभीर रूप से घायल किया गया।

प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • 18 दिसंबर: मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।

  • 25 दिसंबर: अमृत मंडल की हत्या।

  • 3 जनवरी: शरियतपुर में खोकोन चंद्र दास पर चाकू से हमला कर उन्हें जिंदा जला दिया गया, बाद में इलाज के दौरान मौत।

  • 11 जनवरी: चटगांव में हिंदू ऑटो चालक समीर दास की चाकू मारकर हत्या कर दी गई और उनका ऑटो लूट लिया गया।

हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा

लगातार हो रही इन घटनाओं से बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है। मानवाधिकार संगठनों और अल्पसंख्यक नेताओं का कहना है कि ये घटनाएं चुन-चुनकर की जा रही लक्षित हिंसा का हिस्सा हैं। वहीं अंतरिम सरकार इन मामलों को अलग-अलग आपराधिक घटनाएं बताकर देख रही है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक ज्यादातर मामलों में ठोस कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

लगातार हो रही हत्याओं और हमलों ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन घटनाओं पर चिंता जताई जा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News