अमेरिका में अब सुरक्षित नहीं विदेशी छात्र, AI कर रहा निगरानी ! एक ‘लाइक’ पर देश छोड़ने के आदेश
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 04:26 PM (IST)

Washington: अमेरिकी सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करके अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की निगरानी कर रही है। इसके तहत, अमेरिका में पढ़ रहे कई विदेशी छात्रों के वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं, और उन्हें देश छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन छात्रों पर हो रही है, जिन पर हमास या अन्य प्रतिबंधित संगठनों के समर्थन का संदेह है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। तीन हफ्तों में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीज़ा रद्द किए गए हैं। इन छात्रों को एक ईमेल भेजा गया है, जिसमें उन्हें CBP Home App के जरिए आत्म-निर्वासन (self-deport) की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। इस नीति के चलते अमेरिका में पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
AI कर रहा छात्रों के सोशल मीडिया खातों की जांच
AI तकनीक के जरिए छात्रों के सोशल मीडिया खातों की जांच की जा रही है। अगर कोई पोस्ट, शेयर या लाइक सरकार को संदेहास्पद लगता है, तो वीज़ा रद्द किया जा सकता है। यह जांच 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद की गई ऑनलाइन गतिविधियों पर केंद्रित है। पहले अमेरिका में छात्र वीज़ा (F1, M1, J1) "Duration of Status" (D/S) के तहत मान्य होते थे, यानी जब तक छात्र की वीज़ा स्थिति वैध रहती, तब तक वह अमेरिका में रह सकता था। लेकिन अब ट्रंप प्रशासन ने इस नीति को बदल दिया है, और छात्रों को तुरंत वीज़ा रद्द कर निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है।
वीज़ा रद्द होने पर क्या होगा?
- छात्र की वैध आव्रजन स्थिति समाप्त मानी जाएगी।
- हिरासत में लिए जाने, जुर्माना भरने और भविष्य में वीज़ा अयोग्यता का खतरा रहेगा।
- अमेरिकी पासपोर्ट रखने वालों को वीज़ा को शारीरिक रूप से रद्द करवाने के लिए अमेरिकी दूतावास में जमा करना होगा।
ये छात्र हो सकते प्रभावित
- जो अमेरिका में किसी भी प्रकार के फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन या गतिविधि में शामिल हुए हैं।
- जिन्होंने सोशल मीडिया पर हमास या अन्य प्रतिबंधित संगठनों का समर्थन किया है।
- जिन्हें पिछले प्रशासन में किसी अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वे अमेरिका में ही रह गए।